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पटियाला में प्रदर्शन: सामूहिक अवकाश लेकर पंजाब भर से हजारों मुलाजिम सीएम सिटी में जुटे, सरकार के खिलाफ बोला हल्ला

Fri, 30 Jul 2021 12:09 AM IST
पंजाब ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पंजाब भर के कई हजार कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह जिले पटियाला में डेरा डाल दिया है। अपनी मांगें पूरी न होते देख इन कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। कर्मचारियों ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों में कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखकर सरकार से संशोधन की मांग की है। कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने, पुरानी पेंशन बहाल करने समेत कई अन्य मांग भी कर्मचारियों ने उठाईं हैं।
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पटियाला की नई अनाज मंडी में महारैली करते मुलाजिम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के कोने-कोने से विभिन्न सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभागों के मुलाजिम, पेंशनर और कच्चे व कांट्रैक्ट वर्कर हजारों की संख्या में पटियाला पहुंचे। उन्होंने तय कार्यक्रम के मुताबिक सरहिंद रोड स्थित नई अनाज मंडी में सरकार के खिलाफ हल्ला बोल महारैली करने के बाद मोती महल का घेराव करने को रोष मार्च करते हुए कूच किया।

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भारी पुलिस फोर्स ने मुलाजिमों के बड़े हुजूम को वाईपीएस चौक में ही रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में एसडीएम चरनजीत सिंह और एसपी (सिटी) वरुण शर्मा ने हस्तक्षेप करते हुए मुलाजिमों की कैबिनेट कमेटी के साथ शुक्रवार को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्री ब्रह्म महिंदरा के आवास पर मीटिंग तय कराई। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। इस मौके पर पंजाब सरकार के छठेे वेतन आयोग की सिफारिशों का विरोध करने के साथ कच्चे व कांट्रैक्ट मुलाजिमों को रेगुलर करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

खराब मौसम के बावजूद पंजाब यूटी मुलाजिम और पेंशनर्स सांझा फ्रंट के आह्वान पर सरहिंद रोड स्थित नई अनाज मंडी में जुटे सैकड़ों मुलाजिमों, पेंशनरों और कांट्रैक्ट व कच्चे कर्मियों ने दोपहर करीब सवा 12 बजे पंजाब सरकार खिलाफ जोरदार हल्ला बोल महारैली शुरू की जो करीब तीन घंटे तक रैली चली। इस मौके पर मुलाजिम जोरदार आवाज में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
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रैली को संबोधित करते सांझा फ्रंट के संयोजक जगदीश सिंह चाहल, सतीश राणा ने कहा कि पंजाब सरकार छठे वेतन आयोग के जरिये मुलाजिमों को बड़े लाभ देने के बयान देकर आम जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच यह है कि पंजाब सरकार ने तनख्वाह अनामली कमेटी द्वारा 24 और कैबिनेट सब कमेटी की ओर से 239 कैटेगरी के ग्रेडों में 2011 के दौरान की बढ़ोतरी रद्द कर दी गई है। इसी तरह से कच्चे कर्मियों को रेगुलर करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा कानून पूरी तरह से मुलाजिम विरोधी है।

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