पटियाला। पंजाब और हरियाणा के आठ युवकों को फंसा कर उनसे शादियां करने बाद गहने और नकदी लूटकर फरार होने वाली लुटेरी दुल्हन अब मेडिकल जांच में एड्स पीड़ित पाई गई है। पुलिस की ओर से लुटेरी दुल्हन के साथ शादी रचाने वाले युवकों के भी एड्स की जांच के लिए टेस्ट कराए जा रहे हैं। साथ ही पुलिस ने लुटेरी दुल्हन के खिलाफ जानलेवा बीमारी फैलाने के आरोप में भी केस दर्ज कर लिया है।
गौरतलब है कि पटियाला पुलिस ने 26 अगस्त को लुटेरी दुल्हन के अलावा इस शातिर गैंग के तीन सदस्यों को निकटवर्ती कस्बा देवीगढ़ से उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह 9वीं शादी रचाने पहुंची थी। इस गैंग में लुटेरी दुल्हन के अलावा उसकी मां निवासी पटियाला, एक अन्य महिला निवासी पावला जिला कैथल हरियाणा और गैंग का मुख्य सरगना रणवीर सिंह उर्फ राणा निवासी गांव ढंडरियां शामिल हैं।
थाना इंचार्ज पर भी लगाए दुष्कर्म के आरोप
पकड़े जाने के बाद जब लुटेरी दुल्हन को अदालत में पेश किया गया, तो वहां उसने जज के सामने ही थाना इंचार्ज पर दुष्कर्म के आरोप लगा दिए। वहीं गैंग के अन्य मेंबरों ने थाने में उनके साथ थर्ड डिग्री टार्चर किए जाने के आरोप लगाए। हालांकि मेडिकल जांच में यह आरोप झूठे साबित हुए।
गैंग की काबू पांचवीं सदस्य भी करा चुकी है छह शादियां
थाना जुल्का इंचार्ज प्रदीप सिंह बाजवा के मुताबिक गैंग की नाभा से गिरफ्तार की गई पांचवीं सदस्य भी छह शादियां करा चुकी है और इसके 10 गर्भपात हो चुके हैं। पुलिस के मुताबिक लुटेरी दुल्हन हो या गैंग की पांचवीं सदस्य दोनों की ज्यादातर शादियां हरियाणा के ही जिला कैथल, हिसार, भिवानी में हुई हैं। पुलिस के मुताबिक गैंग की और भी कुछ महिला सदस्य पुलिस के रडार पर हैं। ज्यादातर पीड़ित युवकों से पुलिस ने संपर्क साध कर एड्स की जांच को टेस्ट कराने को कह दिया है।
चार साल पहले शुरू की ठगी, तीन बच्चों की मां है लुटेरी दुल्हन
हरियाणा के कैथल की रहने वाली 30 साल की लुटेरी दुल्हन की पहली शादी साल 2010 में पटियाला में हुई थी। इस शादी से उसके तीन बच्चे हैं। इसके बाद अचानक उसका पति लापता हो गया। करीब चार साल पहले उसने गैंग बनाकर उन युवकों को फंसा कर शादियां कर उन्हें लूटना शुरू कर दिया, जो तलाकशुदा या फिर उम्रदराज होने पर अविवाहित रह जाते थे। शादी के बाद कुछ दिन ससुराल में रहने के बाद लुटेरी दुल्हन वहां से नकदी और गहने लूट कर फरार हो जाती थी। गैंग लड़के वालों को दहेज का केस डालने का डर दिखाकर भी मोटी रकम वसूलते थे।