एसआईटी के समझ बयान दर्ज करवाने जाते सिख प्रचारक भाई रणजीत सिंह ढडरियां वाले।
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कोटकपूरा गोलीकांड के मामले में सोमवार को एसआईटी ने पटियाला के सर्किट हाउस में सिख प्रचारक भाई रणजीत सिंह ढडरियां वाले से पूछताछ की। करीब तीन घंटे की पूछताछ में उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए। सर्किट हाउस से बाहर निकल पत्रकारों से बातचीत में भाई ढडरियां वाले ने कहा कि अगर यह कहा जाए कि संगतों पर यह अत्याचार तत्कालीन बादल सरकार और उच्चाधिकारियों व उस समय के प्रमुख नेताओं की जानकारी के बिना हुआ तो गलत होगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सिख संगतों को इंसाफ मिलेगा, अभी भी उन्हें पूरी उम्मीद है। पटियाला-संगरूर रोड स्थित गुरुद्वारा श्री परमेश्वर द्वार में पत्रकारों से बात करते हुए भाई ढडरियां वाले ने बताया कि उन्हें चौथी बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था। हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने घटना वाले दिन क्या-क्या हुआ, साफ शब्दों में एसआईटी को बता दिया। भाई ढडरियां वाले ने बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के आरोपियों पर कार्रवाई के बजाय इसके विरोध में शांतमयी ढंग से धरने पर बैठी संगत पर लाठीचार्ज हुआ था। उन पर पानी की बौछारें मारी गईं थीं।
एसआईटी के सदस्य पहुंच गए थे पहले
एडीजीपी एलके यादव की अगुवाई वाली टीम सोमवार को पटियाला के सर्किट हाउस में भाई रणजीत सिंह ढडरियां वाले के आने से पहले ही पहुंच गई थी। भाई ढडरियां वाले अपने काफिले के साथ करीब साढ़े 11 बजे पहुंचे। उनसे करीब तीन घंटे पूछताछ की गई। बाद में एसआईटी के सदस्य और भाई ढडरियां वाले अपनी-अपनी गाड़ियों में बैठकर सर्किट हाउस से रवाना हो गए।
इससे पहले दो जुलाई को एसआईटी ने फरीदकोट में मौके के गवाह भाई पंथप्रीत सिंह समेत कुछ पंथक नेताओं से पूछताछ की थी। भाई ढडरियां वाले को भी उसी दिन पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन वह किसी कारण वहां पहुंच नहीं सके थे। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों के चलते भाई ढडरियां वाले नहीं गए थे। अब वे सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर गठित की नई एसआईटी के सवालों का जवाब देने पहुंचे।