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Patiala: बिना नोटिस गर्ल्स हाॅस्टल में गए वीसी का विरोध, धरने के बाद नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी अगले आदेशों तक बंद

Tue, 24 Sep 2024 12:37 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पटियाला के गांव सिद्धूवाल स्थित राजीव गांधी नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी के वीसी की गर्ल्स हाॅस्टल में औचक चेकिंग से छात्राएं नाराज हैं। आरोप है कि चेकिंग के दाैरान वीसी ने लड़कियों के कपड़ों पर टिप्पणी की थी। 
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पटियाला में छात्राओं का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटियाला के गांव सिद्धूवाल स्थित राजीव गांधी नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी को प्रशासन ने अगले आदेशों तक बंद कर दिया है। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के मुताबिक विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। जारी आदेश में सभी स्टूडेंट्स को अपने-अपने घरों को जाने के लिए कह दिया गया है। 

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दरअसल काॅलेज में छात्राएं प्रदर्शन कर रही हैं। आंदोलनकारी छात्राओं का आरोप है कि बिना नोटिस के वीसी जय शंकर सिंह के हास्टल में आकर छात्राओं के कमरे चेक किए हैं और उनके कपड़ों पर टिप्पणी की है। जिसे किसी भी हालत में सहन नहीं किया जा सकता है। यह छात्राओं की निजता पर हमला है। 



आंदोलनकारी छात्राएं लगातार वीसी के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। छात्राओं ने अल्टीमेटम दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को सारा दिन दिन वीसी की रिहायश के बाहर छात्राएं धरने पर बैठी रहीं और इस दौरान खूब नारेबाजी भी की गई। बाद दोपहर आंदोलनकारी छात्राओं व यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच मांगों को लेकर बैठक भी हुई, लेकिन यह बेनतीजा रही। 

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यह है मामला

आंदोलनकारी छात्राओं के मुताबिक रविवार बाद दोपहर बिना नोटिस के वीसी हास्टल में आए और फिर बारी-बारी से लड़कियों के कमरों की चेकिंग करने लगे। इस दौरान वीसी ने लड़कियों के कपड़ों को लेकर एतराज जताते कहा कि छोटे कपड़े क्यों पहने हैं। इससे भड़़की छात्राओं ने रात को वीसी की रिहायश के बाहर धरना लगा दिया था। 

छात्राओं का आरोप-वीसी मुद्दे पर नहीं आ रहे

सोमवार सुबह वीसी आंदोलनकारी छात्राओं से बात करने के लिए पहुंचे, लेकिन इस दौरान छात्राओं की मांगों को लेकर कोई बातचीत नहीं की। छात्राओं का कहना है कि वीसी मुद्दे पर नहीं आ रहे हैं। यह कहना कि छात्राएं उनके लिए उनकी पोती के समान है, कहने से कुछ नहीं होगा। लड़कियों के हास्टल में उनके अभिभावक तक नहीं आ सकते हैं, तो ऐसे में वीसी बिना नोटिस के कैसे आ गए। 

वीसी का पक्ष

वीसी का कहना है कि हास्टल में क्षमता से अधिक लड़कियों के रखे जाने संबंधी शिकायतें मिल रही थी, जिसकी जांच के लिए वह गए थे। लेकिन उन पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सरासर गलत हैं। यूनिवर्सिटी की पीआरओ इशिता शर्मा के मुताबिक यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से लगातार आंदोलनकारी छात्राओं से बातचीत के जरिये इस मसले को हल करने की कोशिश की जा रही है। सोमवार को हुई बैठक बेनतीजा रही है, लेकिन आगे भी इस तरह की बैठक करके समस्या का हल किया जाएगा।
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