बीते साल के मुकाबले अधिकतम मांग में 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज
साल 2023-24 की तुलना में इस साल दर्ज की गई अधिकतम बिजली की मांग (मेगावाट में) इस तरह से रही।
महीना 2023-24 2024-25 (वृद्धि प्रतिशत में )
अप्रैल 8143 10061 24
मई 11940 14519 22
जून 15325 16058 5
जुलाई 14831 16037 8
अगस्त 15220 15466 2
वहीं अप्रैल से पांच सितंबर तक साल 2023-24 में बिजली की कुल अधिकतम मांग 15325 मेगावाट रही थी, वहीं 2024 में इस अवधि के दौरान मांग 16058 मेगावाट दर्ज की गई है। यह पिछले साल के मुकाबले 5 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है।
अप्रैल से जून तक 14.72 प्रतिशत रहे एटीएंडसी घाटा
पावरकाॅम की ओर से अप्रैल से जून 2024 तक सभी सर्कलों, डिवीजनों, सब डिवीजनों, फीडरों, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों के ऑडिट के मुताबिक 19614.01 मिलियन किलोवाट आवर्स बिजली सप्लाई की गई, लेकिन बिलिंग 15747.73 मिलियन किलोवाट आवर्स की हुई। इसके मुताबिक 3866.28 मिलियन किलोवाट आवर्स का ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन घाटा रहा है। यह तकरीबन 19.71 प्रतिशत बनता है, वहीं एग्रीगेट टेक्निकल व कर्मिशयल घाटा (एटीएंडसी) 14.72 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
बाॅर्डर में सबसे ज्यादा बिजली चोरी
पंजाब के बाॅर्डर एरिया में सबसे अधिक बिजली चोरी हो रही है। बाॅर्डर जोन के तरनतारन सर्कल की डिवीजनें भिखीविंड व पट्टी इस मामले में सबसे आगे हैं। वहीं वेस्ट जोन में बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब सर्कलों में बिजली चोरी ज्यादा है। यहां तक कि बादल डिवीजनों में 17 फीडर ऐसे हैं, जहां 50 से 60 फीसदी लास है।
साल 2023-24 में 50 प्रतिशत घाटे वाले फीडरों की संख्या बढ़कर 362 से 414 हो गई है। पावरकाॅम के बाॅर्डर व वेस्ट जोन में 158 फीडर ऐसे हैं, जहां लाइनलास 60 प्रतिशत से अधिक हो गया है। 50 से 60 प्रतिशत घाटे वाले 256 फीडर हैं, जिनमें 133 वेस्ट, 90 बाॅर्डर और 33 साउथ जोन में हैं। 25 से 50 प्रतिशत घाटे वाले 831 फीडर हैं, जिनमें 565 वेस्ट जोन और 266 साउथ जोन में हैं।
अधिकारियों के मुताबिक बाॅर्डर के इलाकों में खपतकारों की ओर से बिजली मुलाजिमों को चेकिंग नहीं करने दी जाती है। घरों में लगे बिजली मीटरों को बाहर निकालने नहीं दिया जा रहा है। जिस वजह से बिजली चोरी बढ़ रही है।
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर पंजाब में बढ़ती बिजली चोरी पर चिंता जताई है। एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल व प्रेसीडेंट इंजीनियर जसवीर सिंह धीमान ने मांग की है कि एक ही घर में एक ही खपतकार को मुफ्त बिजली सुविधा का लाभ मिले। साथ ही अगर कोई खपतकार बिजली चोरी करता पकड़ा जाता है, तो उसे पांच सालों के लिए मुफ्त सुविधा का लाभ न दिया जाए। इसके साथ ही आयकर रिटर्न भरने वाले खपतकारों को मुफ्त बिजली सुविधा का लाभ न दिया जाए।