फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में बिजली संकट: रोपड़ और गोइंदवाल थर्मल प्लांट के एक-एक यूनिट चले, कटौती से नहीं मिली राहत

Tue, 12 Oct 2021 08:50 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पंजाब में दिन के समय बिजली की मांग 9489 मेगावाट दर्ज की गई। इस बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त प्रबंध न होने के कारण पावरकॉम को बाहर से 5110 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी।
विज्ञापन
पंजाब में बिजली संकट। - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के सरकारी थर्मल प्लांट रोपड़ और प्राइवेट में गोइंदवाल का एक-एक यूनिट मंगलवार को दोबारा चला दिया गया, लेकिन बावजूद इसके मांग में उछाल के चलते उपभोक्ताओं को लंबे कटों से राहत नहीं मिली। दिन भर में पांच से छह घंटे के कट लगे। जिस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं पंजाब के थर्मल प्लांटों में मंगलवार को भी कोयले की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। थर्मलों में मात्र एक से तीन दिनों का कोयला ही शेष रह गया है।

विज्ञापन


पंजाब के रोपड़ थर्मल प्लांट में तीन दिनों का, लहरा मुहब्बत में ढाई दिनों का, वहीं प्राइवेट में तलवंडी साबो में डेढ़ दिन का, राजपुरा में दो और गोइंदवाल में मात्र एक दिन का कोयला शेष है। हालांकि रोपड़ के बंद पड़े दो यूनिटों में से एक और गोइंदवाल के भी एक यूनिट को चलाने से बिजली उत्पादन में कुछ बढ़ोतरी हुई, लेकिन बढ़ी मांग ने सारा खेल बिगाड़ दिया। 

यह भी पढ़ें-  लुधियाना में प्रॉपर्टी विवाद में हत्या: लक्की बेकरी के मालिक ने छोटे भाई को उसी की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारी 
विज्ञापन


पंजाब में दिन के समय बिजली की मांग 9489 मेगावाट दर्ज की गई। इस बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त प्रबंध न होने के कारण पावरकॉम को बाहर से 5110 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी। मंगलवार को पावरकॉम को अपने थर्मलों से 998 मेगावाट, हाइडलों से 314 मेगावाट, सोलर प्रोजेक्टों से 73 मेगावाट और प्राइवेट थर्मलों से 2483 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। इस तरह से पावरकॉम ने कुल 3868 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया। 

हालांकि यह बिजली उत्पादन सोमवार के मुकाबले 270 मेगावाट ज्यादा रहा। लेकिन बिजली सप्लाई 8978 मेगावाट (अपना उत्पादन और बाहर से खरीद) होने के कारण मांग और सप्लाई में 511 मेगावाट का अंतर रहा। इस कारण उपभोक्ताओं को पांच से छह घंटों के कटों का सामना करना पड़ा। सुबह साढ़े आठ बजे से ही कट लगने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिन भर कभी घंटे व कभी डेढ़ घंटे के लगते रहे। पंजाब के थर्मलों में फिलहाल कोयले के स्टॉक में कोई सुधार की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन


थर्मलों के 15 यूनिटों में से अब तीन बंद
सरकारी व प्राइवेट थर्मल प्लांटों के 15 यूनिटों में से अब तीन बंद हैं। इनमें रोपड़ का एक और लहरा मुहब्बत का एक और तलवंडी साबो का एक यूनिट शामिल है। वहीं तलवंडी साबो का बाकी दो यूनिट मंगलवार को भी कोयले की कमी के चलते आधी क्षमता पर ही चलाए गए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें