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Punjab: मुफ्त बिजली सुविधा ने बढ़ाया चोरी का रुझान, पावरकॉम के मीटर रीडरों से मिलीभगत कर रहे लोग

Wed, 25 Jan 2023 07:01 AM IST
निवेदिता वर्मा रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पंजाब के बार्डर व वेस्ट जोन में पड़ने वाले जिलों अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट में मुफ्त बिजली लेने के लिए चोरी करने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक क्योंकि इन जिलों के लोगों की ओर से किसानों के साथ मिलकर विरोध करने के चलते चेकिंग टीमें सही ढंग से अपना काम नहीं कर पाती हैं।
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electricity meter - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पंजाब सरकार की 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की सुविधा ने खपतकारों में बिजली चोरी का रुझान बढ़ा दिया है। मुफ्त होने के कारण ठंड के बावजूद इस बार प्रदेश में बिजली की रिकार्ड खपत हो रही है। मुफ्त बिजली सुविधा लेने के लालच में खपतकारों की ओर से मीटर रीडरों के साथ मिलीभगत करके मीटरों के साथ छेड़छाड़ करने, रीडिंग कम दिखाने या फिर कुंडी लगाकर बिजली चोरी करने के मामले सामने आ रहे हैं। चोरी के ज्यादातर मामले पंजाब के बार्डर व वेस्ट जोन के जिलों से सामने आ रहे हैं। 
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प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में हर साल करीब 1200 करोड़ रुपये की बिजली चोरी होती है, लेकिन अब मुफ्त बिजली सुविधा लेने के चक्कर में चोरी के बढ़े इस नए रूझान से 250 करोड़ का और नुकसान होने का अनुमान पावरकॉम ने लगाया है। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक गरमी में जब बिजली की मांग और बढ़ जाएगी, तो बिजली चोरी का यह रुझान ज्यादा देखने को मिलेगा। इसलिए इस पूरी बिगड़ती स्थिति के बारे में पंजाब सरकार को जानकारी देकर बिजली चोरी रोकने को प्रस्ताव भेजकर कुछ सुझाव अमल में लाने की मांग की है।

पंजाब के बार्डर व वेस्ट जोन में पड़ने वाले जिलों अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट में मुफ्त बिजली लेने के लिए चोरी करने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक क्योंकि इन जिलों के लोगों की ओर से किसानों के साथ मिलकर विरोध करने के चलते चेकिंग टीमें सही ढंग से अपना काम नहीं कर पाती हैं। लोगों की ओर से धड़ल्ले से मीटर रीडरों के साथ मिलकर बिजली चोरी को अंजाम दिया जा रहा है। लेकिन शिकायतों के आधार पर अधिकारियों की ओर से की रि चेकिंग में चोरी के मामले सामने आए, जिनमें बीते दो महीने में 45 मीटर रीडर हटाए गए हैं।
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बहाली के लिए हाई-प्रोफाइल सिफारिश लगवा रहे हैं मीटर रीडर 
हटाए गए मीटर रीडरों में से अब तक तीन ने बहाली के लिए हाई-प्रोफाइल सिफारिश लगवाई है। इस संबंधी पत्र भी पावरकॉम अधिकारियों के पास आ गए हैं। फिलहाल अधिकारी असमंजस की स्थिति में हैं कि सिफारिश को माने या नहीं। क्योंकि अगर मानते हैं, तो फिर क्या गारंटी होगी कि आरोपी मीटर रीडर आगे से बिजली चोरी नहीं कराएगा।

सरकार को भेजे प्रस्ताव की कुछ अहम बातें
  • घर से बाहर मीटर न लगवाने वाले खपतकार को मुफ्त बिजली सुविधा न दी जाए।
  • बिजली चोरी करते पकड़े जाने पर खपतकार की मुफ्त बिजली सुविधा तुरंत बंद हो
  • बिजली का गैरकानूनी ढंग से इस्तेमाल करने वाले खपतकार के लिए एक साल के लिए बंद हो सुविधा
  • सुविधा को स्वैच्छिक छोडने का विकल्प भी रखा जाए

बिजली चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रखे सरकार 
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रधान इंजीनियर जसवीर सिंह धीमान ने माना कि सरकार की ओर से बिजली मुफ्त करने से चोरी बढ़ रही है। जो बेहद चिंता का विषय है, क्योंकि पावरकॉम पहले ही आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है। सरकार को बिजली चोरी के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति रखनी होगी। उन्होंने बताया कि उनकी एसोसिएशन की तरफ से पंजाब के बिजली मंत्री को मिलकर बिजली चोरी रोकने के लिए कुछ सुझाव भी दिए गए हैं। जल्द सुझावों को लागू करके चोरी पर रोक लगाई जाए।
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