एसएसपी हरचरन सिंह भुल्लर ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि केस की जांच में कुछ अहम जानकारियां मिलीं कि 12 अक्तूबर, 2020 को गांव बोसर कलां में ही एक युवती हरनीत कौर का भी गोलियां मारकर कत्ल किया गया था। केस में उसके ताया के लड़के गुरिंदर सिंह के खिलाफ ही केस दर्ज हुआ था। गुरिंदर को अपनी चचेरी बहन के सहजप्रीत सिंह नाम के लड़के के साथ प्रेम संबंधों से एतराज था।
सहजप्रीत सिंह उक्त यूथ अकाली नेता वरिंदर सिंह का साला था, जो गांव में अपने जीजा के पास ही रहता था और उन दोनों को जीजा का पूरा समर्थन हासिल था। चचेरी बहन के कत्ल के बाद आरोपी गुरिंदर सिंह ने खुदकुशी कर ली थी। उसका मोटरसाइकिल व सुसाइड नोट पुलिस को गांव मालोमाजरा के नजदीक भाखड़ा नहर के किनारे से मिला था। इस खुलासे के बाद जब पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली कि आरोपी जिंदा है। इस आधार पर पुलिस ने मुहिम चलाते हुए आरोपी को देवीगढ़-पटियाला रोड से काबू किया। पूछताछ में आरोपी ने माना कि उसी ने वरिंदर सिंह का भी कत्ल किया है, क्योंकि वह उसकी चचेरी बहन व उसके प्रेमी को बढ़ावा दे रहा था।