पटियाला। पटियाला में कांग्रेस का अंदरूनी क्लेश शिखर पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां नगर निगम के मेयर संजीव शर्मा बिट्टू ने एक सभा के दौरान खुलेआम पटियाला के लोगों को पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, सांसद परनीत कौर के हाथ मजबूत करते हुए साथ देने की अपील कर डाली है। वहीं मेयर के खिलाफ घन्नौर के विधायक मदन लाल जलालपुर ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। जलालपुर ने कहा कि मेयर के साथ 60 में से मुश्किल से 10 पार्षद होंगे। जबकि बाकी सभी पार्षद शुरुआत से ही मेयर के खिलाफ हैं। जलालपुर ने कहा कि बिट्टू को मेयर की कुर्सी पर कैप्टन अमरिंदर सिंह व सांसद परनीत कौर ने जबरन थोपा था। क्योंकि बिट्टू मोती महल के वफादारों में से थे, जिसका तोहफा उन्हें मेयर की कुर्सी के रूप में मिला था। पार्षदों द्वारा चुने जाने के बाद बिट्टू को मेयर नहीं बनाया गया था।
जलालपुर ने कहा कि मेयर की कुर्सी पर बिट्टू कुछ दिनों के ही मेहमान हैं। लोकल बाडी मंत्री ब्रह्मम मोहिंदरा चाहें, तो एक घंटे के भीतर संजीव शर्मा बिट्टू को मेयर पद से हटा सकते हैं। उधर पटियाला नगर निगम के पार्षद कृष्ण चंद बुद्धू ने मेयर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते पंजाब सरकार से उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए मेयर पद से हटाने की मांग की है।
जलालपुर ने इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी निशाना साधते उन्हें चुनौती दी। जलालपुर ने कहा कि अगर कैप्टन के साथ 10 पार्षद भी चले जाएं, तो वह राजनीति छोड़ देंगे। जलालपुर ने आरोप लगाया कि जब कैप्टन मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने किसी पार्टी वर्कर, पार्षद और विधायक की नहीं सुनी। कैप्टन के कार्यकाल में अफसरशाही हावी थी।