पटियाला। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि पंजाब के लोगों ने कांग्रेस पार्टी को बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौैंपी थी, लेकिन कांग्रेस के नेता इसे सही से निभा नहीं सके। आगे कहा कि जब तक पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी मिलकर नहीं चलेंगे, तब तक कांग्रेस सरकार को सफलता नहीं मिलेगी। वह रविवार को नाभा में अकाली दल के धुरी हल्का इंचार्ज एवं प्रीत ग्रुप आफ कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हरी सिंह के आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
बादल ने आगे कहा कि उन्होंने कभी विपक्ष को बदनाम नहीं किया। हमेशा मुद्दों पर लड़ाई की है। वैसे भी निजी जंग किसी साथ नहीं लडनी चाहिए। इस मौके उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह संबंधी पूछे सवाल के जवाब में कहा कि अगर उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था, तो उन्हें बगावत नहीं करनी चाहिए थी। बादल ने कहा कि उन्हें भी कई बार पद नहीं मिला, लेकिन वह पार्टी में ही बने रहे। कैप्टन ने कांग्रेस छोड़ दी, जो बेहद निंदनीय है। बादल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने स्वर्ण मंदिर पर हमला किया और साल 1984 के दंगों को अंजाम दिया। कांग्रेस ने पंजाब का पानी भी गंवा दिया है। ऐसे में अब आने वाले विधानसभा चुनावों में लोगों को सोच-समझ कर अपनी वोटों का इस्तेमाल करना चाहिए। बादल ने इस मौके पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते कहा कि पेट्रोल व डीजल के दाम बढने से हर खाने-पीने की चीज महंगी हो रही है। इसका किसानों पर भी भारी असर पड़ रहा है। किसानों के लिए खेती लागत बढ़ रही है, लेकिन उन्हें अपनी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा है। जिससे किसान कर्जों के जाल में फंसते जा रहे हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के नई पार्टी के गठन पर पूछे सवाल के जवाब में बादल ने कहा कि कैप्टन को आने वाले विधानसभा चुनावों में सफलता नहीं मिलेगी। इस मौके बादल ने केंद्र सरकार से खेती कानूनों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक साल से ज्यादा का समय किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन में बैठे हो गया है। इस दौरान काफी गिनती किसानों की मौत हो गई। लखीमपुर खीरी में भी एक बड़ी घटना हुई।