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कैप्टन की चाची पूर्व राज्यसभा सांसद अमरजीत कौर भाजपा में शामिल

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पंजाब की राजनीति में मानी जा रही हाट सीट पटियाला में वीरवार को उस समय एक बड़ी हलचल हुई, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह की चाची पूर्व राज्यसभा मेंबर अमरजीत कौर ने अकाली दल (बादल) को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। कैप्टन व उनके परिवार के साथ रिश्तों में खिंचाव के कारण अमरजीत कौर ने वर्ष 2009 में कांग्रेस को छोड़कर सुखबीर सिंह बादल की मौजूदगी में अकाली दल ज्वाइन कर लिया था। उस वक्त अमरजीत कौर ने कैप्टन व उनके परिवार खिलाफ काफी कुछ कहा था, लेकिन किसी ने सच ही कहा है कि राजनीति में कोई किसी का पक्का दुश्मन नहीं होता।
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वीरवार को अमरजीत कौर को ज्वाइन कराने के लिए खासतौर से भाजपा के पंजाब प्रभारी दुष्यंत गौतम पटियाला पहुंचे। गौरतलब है कि पूर्व कांग्रेस मेंबर अमरजीत कौर 1976 से लेकर 1988 तक दो बार राज्यसभा सांसद रहीं। 1985 में कांग्रेस ने उन्हें लोकसभा चुनावों में भी खड़ा किया था, लेकिन वह अकाली दल के चरनजीत सिंह वालिया से काफी कम वोटों के अंतर से हार गई थीं। अमरजीत कौर पटियाला के महाराजा भुपिंदर सिंह के बेटे कंवर दविंदर सिंह से ब्याही थीं, जो कैप्टन के चाचा थे। वर्ष 2009 में जब अमरजीत कौर के परिवार की कैप्टन परिवार साथ रिश्तों में खटास आई, तो उन्होंने अकाली दल ज्वाइन कर लिया था।
अब अमरजीत कौर ने करीब 12 वर्षों बाद अकाली दल को अलविदा कह दिया है। वह भाजपा में ज्वाइन हो गई हैं। ऐसे में अब वह आने वाले दिनों में कैप्टन के साथ मंच साझा करते नजर आ सकती हैं, क्योंकि कैप्टन की पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया है।
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मोती महल के खिलाफ आवाज उठाने वाले पनसप के पूर्व उपचेयरमैन आप में शामिल
पंजाब में कैप्टन सरकार के राज में मोती महल के खिलाफ आवाज बुलंद करने के कारण पनसप के उप-चेयरमैन पद से हाथ धोने वाले वरिष्ठ टकसाली कांग्रेसी कृष्ण चंद बुद्धू ने आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली है। आप के पटियाला से प्रत्याशी अजीतपाल सिंह कोहली की अगुवाई में बुद्धू कांग्रेस को छोड़कर आप के साथ हो लिए। इस मौके पर पार्षद बुद्धू ने कहा कि कैप्टन के जाने के बाद उम्मीद थी कि अब पार्टी में जमीनी स्तर से जुड़े नेताओं व वर्करों की पूछ होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए वह अरविंद केजरीवाल की नीतियों से प्रभावित होकर आप में आए हैं।
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