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जीत के बाद अब कैबिनेट मंत्री पद पाने की दौड़ शुरू-- कैप्टन को उसी के किले में हराने वाले अजीतपाल कोहली सबसे आगे पटियाला देहाती

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पटियाला। पंजाब में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब पार्टी के विधायकों में कैबिनेट में मंत्री पद पाने की दौड़ शुरू हो गई है। इस दौड़ में इस समय जिले से सबसे आगे पटियाला शहरी से विजेता रहे अजीतपाल सिंह कोहली का नाम सबसे आगे है, जिन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे दिग्गज को उन्हीं के गढ़ में 19 हजार से अधिक वोटों के अंतर से शिकस्त दी है। ऐसे में पार्टी उन्हें कैबिनेट मंत्री का ओहदा देकर नवाज सकती है। इसके अलावा पटियाला देहाती से जीते डा. बलबीर सिंह और राजपुरा से नीना मित्तल भी दौड़ में शामिल हैं।
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कोहली का परिवार दशकों से अकाली दल के साथ जुड़ा था। उनके पिता सुरजीत सिंह कोहली अकाली सरकार में मंत्री रहे हैं, जबकि दादा स्वर्गीय सरदारा सिंह कोहली भी पटियाला से ही विधायक रहे हैं। लेकिन 2022 के विस चुनावों से पहले टिकट न मिलने से नाराज होकर कोहली परिवार ने आप का दामन थाम लिया था। उस समय अजीतपाल सिंह कोहली ने सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ पार्टी में टकसाली अकालियों को नजरअंदाज करने तक के आरोप लगाए थे।
इसके बाद कैबिनेट मंत्री पद पाने वालों की संभावित सूची में पटियाला देहाती से जीतने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. बलबीर सिंह शामिल हैं। जिन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा के बेटे मोहित मोहिंदरा जैसे मजबूत उम्मीदवार को कड़ी टक्कर देते हुए जीत हासिल की। इनके अलावा राजपुरा से जीत हासिल करने वाली आप विधायक नीना मित्तल को भी कैबिनेट मंत्री का पद दिया जा सकता है। क्योंकि नीना मित्तल एक तो पूरे जिले में आप की तरफ से उतारी महिला उम्मीदवार हैं। साथ ही वह पार्टी की कैशियर भी हैं। नीना मित्तल पार्टी की इंडस्ट्री विंग से जुड़ी हैं, इसलिए उन्हें इसी सेे संबंधित विभाग मिल सकता है। गौरतलब है कि नीना मित्तल ने 2019 में आप के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन वह हार गई थीं। इसी तरह से अगर आप की ओर से दलित नेता में से किसी को कैबिनेट मंत्री बनाया जाता है, तो उसमें नाभा से जीते गुरदेव सिंह मान सबसे आगे माने जा रहे हैं।
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