मोहाली। भले ही सेक्टर-66 से 69 में पानी के ऊंचे रेटों का मामला अदालत पहुंचने के बाद गमाडा ने रेट कम कर दिए थे। लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी लोगों से अधिक वसूले गए पैसे रिफंड नहीं किए गए हैं। इसी मामले में पहले भी कानूनी जगह लड़ने वाले पूर्व पार्षदों ने एक बार फिर अदालत की शरण ली है। साथ ही पानी के वसूले गए अधिक पैसे वापस करने की मांग रखी है। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को तय की है।
जानकारी के मुताबिक पहले मोहाली शहर में दो तरह के पानी के रेट थे। नगर निगम के अधीन आने वाले इलाकों में प्रति हजार लीटर के एक रुपये अस्सी पैसे रेट थे। जबकि गमाडा के अधीन आने वाले एरिया में प्रति हजार लीटर 9.40 रुपये थे। जिसके बाद उस समय के पार्षदों ने मामला लोक अदालत में लेकर गए थे। इस मामले में गमाडा से लेकर निकाय विभाग व कमिश्नर तक को पार्टी बनाया गया था। वहीं, अदालत के फैसले से पहले ही सरकार की तरफ से पानी के रेट नगर निगम व गमाडा वाले एरिया की तरह एक समान कर दिए गए थे। इसके बाद संघर्ष करने के वाले पार्षदों की दलील थी कि गमाडा की तरफ से साल 2017 के बाद से पानी रेट अधिक वसूले गए थे। लेकिन गमाडा द्वारा पैसे रिफंड नहीं किए गए। जिसके बाद उक्त पार्षदों ने अदालत की शरण ली थी। इस वजह से इलाके के 12 हजार परिवार मुश्किल उठा रहे हैं। सेक्टर-66 से 69 व 76 से 80 के पार्षदों ने गमाडा के अधिकारियों को एक पत्र सौंपा है।
2017 में रेट बढ़ने पर लोगों ने शुरू किया था संघर्ष
जानकारी के मुताबिक गमाडा ने 2017 में पानी के रेट बढ़ाए थे। इसके बाद से उक्त लोगों नेे संघर्ष शुरू किया था। इसके बाद नगर निगम ने एक प्रस्ताव बनाकर गमाडा को भेजा था। इस पर गमाडा ने कई ऑब्जेक्शन लगाए। अब नगर निगम ने तय किया है कि जल्दी ही सारी प्रक्रिया पूरी करके गमाडा से तुरंत व्यवस्था को टेकओवर किया जाएगा।