लालड़ू। जनवरी में कई-कई दिन तक लगातार हुई बारिश जहां किसानों के लिए अभिशाप बन गई है, वहीं आम जनता का जीवन अस्त - वयस्त हो गया है। पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश से खेतों में चारों ओर पानी ही पानी जमा हो गया है। घग्गर नदी में ज्यादा पानी आने से नदी पर बना अस्थायी पुल पानी में डूब जाने से दर्जनों गांवों के लोगों का आना-जाना प्रभावित हुआ है। खेतों में जमा पानी से सब्जियां खासकर आलू-प्याज और टमाटर की फसल तबाह हो गई है। जबकि गहरे इलाकों में गेहूं की फसल पीली पड़ने की संभावना है।
इस संबंधी किसान गुरविंदर सिंह हसनपुर, जगदीश सिंह, उत्तम राणा, प्रेम राणा, उदय राणा और बिट्टू ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने फसलों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इसमें आलू-प्याज और टमाटर सहित सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि बीज के लिए खेतों में रखा आलू बारिश के कारण खेतों में सड़ने के कगार पर है। जनवरी में भविष्य के लिए स्टोरों में रखा जाने वाला आलू न होने के कारण आलू का भाव बढ़ सकता है। इसी तरह ज्यादा पानी के कारण प्याज की पौध खराब होने से प्याज लगाने में भी देरी होगी जो प्याज लगाए जा चुके हैं ज्यादा पानी होने के कारण खराब हो सकते हैं। इस बारिश से टमाटर की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है और टमाटर की फसल खेत में खराब हो रही है। किसानों के मुताबिक क्षेत्र में इस बार सरसों की बिजाई भी अधिक है। इसी तरह महत्वपूर्ण गेहूं की फसल भी खतरे में है और गहरे खेतों में गेहूं की फसल का नुकसान होने की पूरी संभावना है।
किसानों ने कहा कि लगाई हुई फसल पकने के लिए तैयार थी। लेकिन अब कृषि विशेषज्ञों की मदद भी कोई काम नहीं आएगी। किसानों का मानना है कि जितनी जल्दी मौसम साफ होगा, उतना कम नुकसान होगा।
इस बारे में कृषि विकास अधिकारी डेराबस्सी स्वर्ण सिंह ने कहा कि पिछले दिनों से हो रही बारिश से सब्जियों को होने वाले नुकसान को रोकना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अब फसलों में दवाएं डालने के बजाय खतों में जमा पानी की निकासी की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गेहूं के बचाव के लिए किसानों को एक एकड़ फसल में पांच किलो सल्फर का छिंटा और एक क्विंटल पानी में तीन किलों यूरिया की स्प्रे करना जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि यह उपाय गेहूं को पीली कूंगी से बचाने के लिए कारगर है।
इस मौके पर किसानों में प्रेम राणा, उदय राणा, उत्तम राणा, गुरविन्द्र सिंह हसनपुर, जगदीश सिंह, चंद्रपाल अत्री, बलजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह, कुलवंत सिंह सहित अन्य किसानों ने सरकार से अपील कर मांग की है कि बरसात के कारण तबाह हुई फसल की गिरदावरी करवाकर उनकी आर्थिक मदद की जाए।