जीरकपुर। नगर काउंसिल की ओर से शहर में करोड़ों रुपये खर्च कर तीन नए पार्क बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए कांग्रेस के सभी पार्षदों की ओर से सर्वसम्मति के साथ प्रस्ताव पारित कर मंजूरी के लिए स्थानीय निकाय विभाग को मंजूरी के लिए भेज दिया है। यहां से मंजूरी मिलते ही इन पार्कों को बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन वहीं दूसरी ओर से नगर काउंसिल शहर में पहले से विकसित पांच पार्कों की देखरेख की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस कारण उनकी हालत खस्ता बनी हुई है। इसको लेकर शहरनिवासियों में भारी रोष पाया जा रहा है। शहरवासियों ने नगर काउंसिल के अधिकारियों से नए पार्क विकसित करने से पहले पुराने पार्कों की हालत सुधारने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक नगर काउंसिल की ओर से अपनी पिछले महीने की मासिक बैठक में तीन नए पार्क बनाने का फैसला किया है। इनमें एक पार्क पीरमुछल्ला क्षेत्र में, एक पार्क सिंहपुरा और एक पार्क रामगढ़ भुड्डा में बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। संवाद
शहर में पहले से हैं पांच पार्क
इस समय शहर में पहले से ही पांच पार्क हैं। इनमें तीन बड़े म्यूनिसिपल पार्क हैं, जिनमें लोहगढ़, बलटाना और ढकोली क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा दो नेचर पार्क हैं, इनमें बलटाना और पीरमुछल्ला में स्थित है। तीन म्यूनिसिपल पार्क तो नगर काउंसिल की ओर से काउंसिल की जमीन पर करोड़ों रुपये खर्च करके बनाए गए थे। जबकि दो नेचर पार्क शहर के बीचों बीच पड़ी वन विभाग के वन क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च करके विकसित किए गए थे।
राजनीति के कारण पार्कों की हो रही अनदेखी
इन पार्कों के बनने के बाद शहरवासियों को बड़ी राहत मिली थी। लेकिन समय रहते इन पार्कों की देखरेख कर पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस कारण इनकी हालत बिगड़नी शुरू हो गई। जानकारी के मुताबिक यह पार्क राजनीति की भेंट चढ़ गए हैं। इन पार्कों का निर्माण पिछली सरकार के कार्यकाल में हलका विधायक एनके शर्मा ने करवाया था। जो अक्सर शहर में अपनी प्राप्तियों में इन पार्कों का श्रेय भी लेते हैं। लेकिन राज्य और नगर काउंसिल में सरकार बदलने के बाद कांग्रेसियों ने इन पार्कों की देखरेख पर कोई ध्यान नहीं दिया। उनकी ओर से अपने अलग से पार्क बनाने का फैसला लिया गया है।
बदहाली में हैं पार्क
जानकारी के मुताबिक नगर काउंसिल की ओर से तैयार म्यूनिसिपल पार्कों में लोगों के पैदल चलने के लिए ट्रैक टूट गए हैं। बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले भी अब हादसों को न्योता दे रहे हैं। लोहगढ़ पार्क में तो असामाजिक तत्व आए दिन तोड़फोड़ करते हैं। इसके अलावा यहां पर रोजाना कोई न कोई झगड़ा होता है। बीते दिनों यहां पर युवकों के गुटों में हुई लड़ाई के दौरान गोलीबारी भी हो चुकी है। जिस कारण स्थानीय लोग यहां आने से डरते हैं।
इसी तरह नेचर पार्कों की सफाई न होने के कारण यहां पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग गई हैं। लोगों के लिए बनाए गए ट्रैक टूट चुके हैं। सफाई न होने के कारण अब यहां लोगों का आना मुश्किल हो गया है। पहले तो लोगों ने अपने स्तर पर इनकी देखरेख करने का प्रयास किया, लेकिन नगर काउंसिल से कोई भी मदद न मिलने के कारण वह निराश होकर शांत हो गए।
इस संबंधी हलका विधायक एनके शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल में नगर काउंसिल के जरिए करोड़ों रुपये खर्च कर शहर के हरेक कोने में तीन पार्क और दो नेचर पार्क विकसित किए गए थे। जिनके बनने के बाद शहरवासियों को काफी बड़ी राहत मिली थी। क्योंकि बड़ी गिनती में आसपास के लोग इन पार्कों में सैर करने के अलावा बच्चे खेलने के लिए पहुंचते थे। लेकिन सरकार बदलने के बाद जानबूझकर इन पार्कों की देखरेख पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में लोग कांग्रेसियों से इसका जवाब मांगेंगे।
वहीं, जीरकपुर नगर काउंसिल के प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि शहर में कुछ क्षेत्र के निवासी नए पार्क बनाने की मांग कर रहे थे। जिसको पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि नए के साथ पुराने पार्कों की भी देखरेख की जाएगी। इसके लिए जल्द ही योजना तैयार की जाएगी।