जीरकपुर। शहर के लोग अपनी जिम्मेदारी समझकर लाखों रुपये का टैक्स देकर स्थानीय प्रशासन का खाता भर रहे हैं। जिससे उनको शहर के साथ सटे चंडीगढ़ की तर्ज पर मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। लेकिन हो रहा इसके उलट है। जी हां, हजारों की आबादी वाले मशहूर वीआईपी रोड क्षेत्र में लोगों को मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल रही हैं। इनमें सबसे पहले तो वीआईपी रोड पर प्रवेश करते ही यहां जगह-जगह बने गड्ढे और टूटी टाइलें लोगों को स्वागत करती हैं।
इतना ही नहीं रही-सही कसर यहां सड़कों किनारे और पार्किंग में खड़े रेहड़ी-फड़ी वाले पूरी कर देते हैं। इनके कारण यहां शाम होते ही यातायात जाम लग जाता है। इतना ही नहीं इन सड़कों पर पानी की निकासी के सही प्रबंध नहीं किए गए हैं। यहां जरा सी बारिश होने के कारण सड़कें लबालब पानी से भर जाती हैं और घंटो पानी भरा रहने के कारण वाहन चालकों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है। साथ ही सीवरेज सिस्टम की हालत ऐसी है कि आबादी के मुताबिक क्षमता न होने के कारण आए दिन सीवरेज लाइन ब्लौक होकर ओवरफ्लो हो जाती है। इसके अलावा, हाई स्ट्रीट नामक मार्केट की हालत ऐसी है कि दुकानदारों ने यहां बाहर तक अवैध कब्जे जमा रखे हैं, जो जगह पार्किंग के लिए बचती है वहां पर दुकानदारों ने रेहड़ियां और स्टॉल्स लगाकर आवाजाही के रास्तों को बंद किया हुआ है। यह कहना है कि वीआईपी रोड पर लाखों रुपये निवेश करने के बाद यहां फ्लैट खरीदकर रहने वालों का। रविवार को ‘अमर उजाला’ की ओर से संवाद अभियान के तहत वीआईपी रोड के लोगों के साथ रू-ब-रू होकर प्रशासन की ओर से प्रदान की जाने वाली मूलभूत सुविधाओं को लेकर आ रही परेशानियों को सुनने के बाद प्रकाशित कर प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वीआईपी रोड पर रहने वाले लोगों का यह है कहना
मानक पूरे किए बिना मिलते हैं कंप्लीशन सर्टिफिकेट
वीआईपी रोड पर बिल्डर की ओर से तैयार की जाने वाली बिल्डिंगों पर नगर परिषद के अधिकारियों की पूरी मेहरबानी है, क्योंकि बिल्डर की ओर से मानक पूरे न करने के बावजूद उन्हें किसी भी प्रोजेक्ट के कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर दिए जाते हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को मूलभूत सुविधाएं न मिलने के कारण भुगतना पड़ रहा है।
- दिज्विजय दलाल, स्थानीय निवासी।
सड़कों पर किए अवैध कब्जे
वीआईपी रोड क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या है। क्योंकि शाम के समय अगर कोई इमरजेंसी हो जाए तो बाहर निकलने के लिए कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। डीपीएस स्कूल की तरफ से कॉलोनाइजरों की ओर से सड़क पर अवैध कब्जे किए हुए हैं, जिससे सड़कों की चौड़ाई मात्र 15 से 20 फुट ही रह गई है।
- वीरेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी।
वीआईपी रोड में जब हमने फ्लैट खरीदा तो बताया गया था कि क्षेत्र की सड़कों की चौड़ाई 66 फुट है और जब यह देखकर रहना शुरू किया तो पता चला कि 66 फुट की सड़कें केवल कागजों में ही है। बल्कि कॉलोनाइजरों की ओर से अवैध कब्जों की वजह से सड़कें कुछ फुटों में तब्दील होकर रही गई हैं, जिसके ऊपर वाहन तो दूर पैदल तक चलना मुश्किल है।
- श्रीकोगंती, स्थानीय निवासी।
मेरा प्रशासन से यह कहना है कि जब सड़क बनाई जाती है तो क्या उसकी देखरेख करने का काम उनका नहीं? क्योंकि लोग पानी का कनेक्शन जोड़ने के लिए सड़क की खुदाई कर लेते हैं। जिसको बाद में बंद न करके खुला ही छोड़ दिया जाता है। जो धीरे-धीरे बड़े गड्ढों का रूप लेकर वाहन चालकों के लिए हादसों का कारण बनता है।
- जेके गुलाटी। स्थानीय निवासी।
ज्यादा स्पा सेंट होने से दिक्कत
वीआईपी रोड पर स्पा सेंटरों की भरमार हैं। इस वजह से लोगों को यहां रहना मुश्किल हो गया है। क्योंकि देवाजी प्लाजा मार्केट के अंदर 30 से अधिक स्पा सेंटर मौजूद हैं, जिनकी आड़ में देह व्यापार का धंधा जोरों से चल रहा है। इस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
- मनदीप सिंह खिल्लण, स्थानीय निवासी।
ओवरफ्लो से भरता है सड़कों पर पानी
वीआईपी रोड क्षेत्र की आबादी 50 हजार से अधिक है और आबादी के मुताबिक सीवरेज सिस्टम की क्षमता बहुत कम हैं। क्योंकि आए दिन सीवरेज लाइन ओवरफ्लो होकर दूषित पानी सड़कों पर जमा होता रहता है। सीवरेज लाइन ओवरफ्लो होने की वजह से पूरा इलाका बदबू से भरा रहता है।
- गौरव चोपड़ा, स्थानीय निवासी।
प्रशासन की ओर से हर महीने गो सेस के रूप में टैक्स लिया तो जाता है। लेकिन लावारिस पशु क्षेत्र की सड़कों पर घूमते हुए आम देखे जा सकते हैं। इनसे टकराकर लोग आए दिन हादसों का शिकार होते रहते हैं। कई बार प्रशासन को लिखित शिकायतें देकर समाधान की मांग की गई है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
- सुदेश रानी, स्थानीय निवासी
रेहड़ीफड़ी वाले सड़क पर अवैध कब्जे जमाकर ट्रैफिक जाम का कारण बनते हैं। क्योंकि रेहड़ी को देखकर कार चालक सड़कर ही ही खड़े होकर सामान खरीदने लगते हैं। ऐसे में पीछे से आने वाले ट्रैफिक को निकलने के लिए रास्ता नहीं मिलता। जबकि एक वाहन को देख अन्य वाहन चालक भी रेहड़ी के पास गाड़ी को रोककर खरीददारी करने लगते हैं।
- विजय मोहन, स्थानी निवासी।
बरसात में भरता है कई फुट पानी
इस रोड पर बारिश के दिनों में कई फुट पानी भर जाता है और कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि सड़क पर पानी के अंदर कारों के टायर पूरी तरह से डूब जाते हैं। दूसरी ओर, बरसाती पानी की निकासी बंद होने के कारण पानी सड़कों ऊपर कई-कई दिन तक लबालब भरा रहता है। इस वजह से वाहन चालकों को आवाजाही के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
- राजवंत कौर, स्थानीय निवासी।
पुलिस बीट बॉक्स ही नहीं
इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र के अंदर प्रशासन की ओर से यहां पर पुलिस बीट बॉक्स की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बल्कि यहां हुए किसी मामले को लेकर उसकी शिकायत फोन करके पुलिस को देनी पड़ती है। इसके लिए हाईवे पार करके करके बिशनपुरा पुलिस थाने में जाना पड़ता है। शाम के समय यहां महिलाओं के साथ स्नैचिंग की वारदातें आम बात हैं।
- सुनैना चोपड़ा, स्थानी निवासी।