नयागांव। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पड़ोस में बसे नयागांव में साफ सफाई पर साल भर में छह करोड़ से अधिक खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर इसका असर नहीं दिख रहा है। अभी तक न तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लग पाया है, न पटियाला की राव की गंदगी से मुक्ति मिली है। सड़कों पर घूमते लावारिस पशु भी बेलगाम हैं। इतनी समस्याओं के बीच शहर की स्वच्छता रैंकिंग कैसे सुधरेगी, यह बड़ा सवाल है।
नयागांव में साफ सफाई एवं कचरे के निस्तारण का ठेका नगर परिषद ने फ्रेंड्स एसोसिएट नामक कंपनी को दिया है। दोनों कामों के लिए दो अलग अलग ठेके हैं। परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार, कंपनी ने शहर की सफाई के लिए 136 कर्मचारी तैनात कर रखे हैं। इनमें 126 सफाई कर्मचारी, 3 सुपरवाइजर एवं 7 ड्राइवर हैं। कुल 11 वाहन इस्तेमाल में लिए जाते हैं, जिनमें से सिर्फ 6 ही उपयोग योग्य हैं, जबकि एक वाहन खराब है। 4 इलेक्ट्रॉनिक ऑटो हैं, जिनकी बैटरी चोरी होने के कारण उपयोग में नहीं लिए जा रहे हैं।
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर परिषद ने सफाई पर पिछले साल एक करोड़ 35 लाख 80 हजार 860 रुपये खर्च किए हैं। कचरे को लालड़ू स्थित प्लांट तक पहुंचाने के लिए 1 साल में से सिर्फ 5 महीने ही पिछले ठेकेदार को भुगतान किया गया है, जो 10 लाख 51 हजार 910 रुपये है। इलाका निवासियों का आरोप है कि इतनी रकम खर्च करने के बाद भी गंदगी से निजात नहीं मिली है।
पिछले वर्ष एनजीटी द्वारा पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को नगर परिषद नयागांव की 20,0000 की सिक्योरिटी जब्त करने के निर्देश दिए थे। फिर भी नगर परिषद ने कोई सुधार नहीं किया। एनजीटी का साफ साफ निर्देश है कि किसी जलाशय एवं जल स्रोत के किनारे कचरा इकट्ठा नहीं किया जा सकता। इसके उलट पटियाला की राव नदी किनारे कचरा इकट्ठा किया जा रहा है।
नहीं उठाया जा रहा घर-घर से कचरा
अधिकारियों का दावा है कि इलाके से हर घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था की हुई है। इसमें गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग उठाने का प्रावधान है। हकीकत यह है कि इलाके में निजी लोग घर-घर जाकर कूड़ा उठाते हैं और मनमर्जी से पैसे लेते हैं।
कूड़ा निस्तारण का काम भी ढीला
नगर परिषद नया गांव के अधिकारियों ने बताया कि इलाके में कचरा इकट्ठा करने के लिए उन्होंने जगह जगह लोहे के 20-25 बड़े कंटेनर रखे हुए हैं जबकि सूत्रों का कहना है कि मात्र 10 कंटेनर रखे गए हैं। पटियाला की राव में भी तीन कंटेनर पड़े थे, जिन्हें अधिकारियों ने सवाल पूछने पर निकलवाकर किनारे पर रखवाया।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर रामगोपाल का कहना है कि इलाके से घर-घर से कचरा उठाया जा रहा है लेकिन डंपिंग ग्राउंड ना होने के कारण इसे पटियाला की राव नदी के किनारे इकट्ठा करके लालडू भेजा जाता है।
नगर परिषद की पुरानी टीम जिम्मेदार
प्रदेश सरकार एवं नगर परिषद की पिछली कमेटी ने इलाके के विकास के लिए कोई कार्य नहीं किया है। यही वजह है कि आज जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। जब से नया गांव में हमारी कमेटी बनी है, तब से रोजाना कूड़ा भिजवाया जा रहा है और जो पुराना कूड़ा पड़ा है, उसको भी धीरे-धीरे साफ करवाया जा रहा है। एक से 2 महीनों में नया गांव में पड़ा कचरा साफ करवा दिया जाएगा।
-बलविंदर कौर प्रधान नगर कौंसिल नयागांव