मोहाली। संगरूर में पिछले दिनों स्कूली वाहन में आग लगने से हुई बच्चों की मौत के हादसे के बाद बच्चों को स्कूल लेकर जाने वाले वाहनों की सख्ताई से चेकिंग की जा रही है। इस चेकिंग से साफ हो गया है कि कई वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को स्कूल लेकर जा रहे हैं। इतना ही नहीं इस दौरान जो बसें जब्त की गई हैं, उनके पास परमिट तक नहीं मिले और वाहन चालक उन्हें गैर कानूनी तरीके से चला रहे थे। यह बात रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी की जांच में सामने आई है और ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से अब सभी वाहनों पर भी नजर रखी जा रही है। इस संबंधी विभाग के उच्च अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है कि इस तरह के नियमों को तोड़ने वाले वाहन शहर में नहीं चलने चाहिए, इसके लिए अधिकारियों को पत्र लिखे गए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक जिला ट्रांसपोर्ट विभाग की तरफ से दो दिन स्कूल बसों की चेकिंग के लिए अभियान चलाया गया था। इस दौरान कुल 44 वाहनों को जब्त किया है और इनमें से 25 के पास तो बस परमिट ही नहीं है। जबकि नियमों के मुताबिक कोई भी चालक बिना परमिट के स्कूल वाहन ही नहीं चला सकता है। अधिकारियों के मुताबिक इस संबंधी कई बार स्कूलों को जागरूक किया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं। इतना ही नहीं एसटीए की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ वाहन तो बिना फिटनेस सर्टिफिकेट लिए ही सड़कों पर वाहन दौड़ा रहे हैं, ऐसे 4 वाहन भी सामने आए हैं। विभाग के अधिकारियों ने इसे बड़ी लापरवाही बताकर कहा है कि फिटनेस सर्टिफिकेट बिना वाहन कितना वजन लेकर जा सकता है और वह कब तक चल सकता है। इस चीज का गहराई से पता चला है, लेकिन यह चीज काफी चिंताजनक है। इसके अलावा अधिकतर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे और फायर सेफ्टी उपकरण भी नहीं मिले हैं और कई स्कूल बस चालक तो सेफ वाहन स्कीम की गाइड लाइन से जागरूक तक नहीं थे। इसके अलावा कई अन्य खामियां भी वाहनों में सामने आई हैं। बता दें कि जिला प्रशासन की ओर से दो दिन जिले में कुल 177 वाहनों के चालन काटे गए हैं, जबकि 44 वाहन जब्त किए गए थे।