2007 से पहले मृतक होमगार्ड कर्मियों के परिजनों ने की नौकरी की मांग
2007 से पहले मृतक होमगार्ड कर्मियों के परिजनों ने की नौकरी की मांग
पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांगा मुलाकात करने का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। फेज-4 में पंजाब मृत होमगार्ड परिवार यूनियन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर परिजनों के लिए नौकरी की मांग की है। उन्होंने 2007 से पहले अपनी जान गंवाने वाले होमगार्ड कर्मी के परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष हरजिंदर सिंह ने कहा कि ड्यूटी के दौरान साल 2007 से 2022 तक के सदस्यों को पंजाब सरकार की ओर से तरस के आधार पर नौकरी दी गई। लेकिन साल 2007 से पहले के किसी भी परिवार के सदस्य को तरस के आधार पर नौकरी नहीं दी गई और न ही मृतक परिवार को सहयोग के लिए पेंशन जैसी सुविधा दी गई।
उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने कहा कि हमारे पिता सहाबान ने आतंकवाद के समय में पूरी ईमानदारी और कर्मठता से अपने कर्तव्यों का पालन किया। उनके बाद पंजाब सरकार की ओर से परिवार के सदस्यों को कोई लाभ या आर्थिक सहायता नहीं दी गई। परिवार के सदस्य आज बहुत मुश्किल से अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। इस मौके पर प्रेस सचिव अमरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष अमनदीप सिंह भी मौजूद रहे।
आश्वासन के सिवाय कुछ हाथ नहीं लगा
उन्होंने कहा कि विधायक समेत मंत्रियों को भी मांगपत्र सौंप चुके हैं। इसके अलावा डीजीपी पंजाब (होमगार्ड्स) को भी पत्र दिया है। पत्र मिलने के बाद नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के ओएसडी को मांगपत्र लिखकर मिलने का समय मांगा गया है, लेकिन अभी तक आश्वासन ही मिला है।
आईटी, ग्रेजुएट्स कर रहे मजदूरी
यूनियन के सदस्य दिलबाग सिंह ने कहा कि उनके पिता की मौत के बाद परिवार की हालत बहुत दयनीय है। उनके जैसे कई युवक नौकरी के लिए तरस रहे हैं। आईटी, ग्रेजुएट्स होने के बावजूद नौकरी नहीं है, मजदूरी करनी पड़ रही है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पंजाब में बेरोजगारी किस स्तर पर है।