मोहाली। भले ही मोहाली को पॉलीवुड की जान कहा जाता है। कई कलाकारों ने यहां पर अपने आलीशान घर से लेकर स्टूडियो तक बना लिए हैं लेकिन अभी तक सरकार इलाके में फिल्म सिटी तो दूर ऑडिटोरियम तक नहीं दे पाई है। प्रोजेक्ट की योजना बनी। इसके बाद वह फाइलों से तो निकली पर नींव पत्थर से आगे नहीं बढ़ पाई। इलाके के कलाकारों का कहना है कि सपने दुबई और सिंगापुर के दिखाए जाते हैं। वहीं हकीकत यह है कि छोटे से नाटक का मंचन करने के लिए वे चंडीगढ़ या पंचकूला पर निर्भर हैं। सारी चीजें कलाकारों से लेकर मुख्यमंत्री तक के ध्यान में हैं। अब उम्मीद है कि इस बार यह सपना हकीकत में बदल पाएगा।
2006 में मोहाली को जिले का दर्जा मिला था। चंडीगढ के नजदीक बसा होने के चलते उक्त एरिया पॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड का पसंदीदा बन गया था। समय बदलने के साथ इलाके में सरकार ने कई इमारतों का निर्माण किया लेकिन कलाकारों के गढ़ को ऑडिटोरियम नसीब नहीं हुआ। हालांकि साल 2014 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने फेज-आठ में 55 करोड़ की लागत से अल्ट्रा मॉडर्न ऑडिटोरियम बनाने का नींव पत्थर रखा। जगह की निशानदेेेही से लेकर अन्य सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं। 2017 में सरकार बदल गई लेकिन प्रोजेक्ट रफ्तार नहीं पकड़ पाया। इससे पहले जिला योजना कमेटी के चेयरमैन खुद पंजाबी गायक व अभिनेता हरभजन मान रहे लेकिन प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
इसके बाद राज्य में कांग्रेस की सरकार आई। सरकार से काफी उम्मीदें थीं लेकिन पूरे पांच साल सरकार ने ऑडिटोरियम तक सोचा नहीं है। जब विधानसभा चुनाव आने वाले थे तो उक्त सरकार की तरफ से सेक्टर -78 में ऑडिटोरियम बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई। ढाई एकड़ जगह ऑडिटोरियम के लिए अलॉट की है। चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर की तर्ज पर ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए पंजाब सरकार ने पंद्रह करोड़ देने का एलान किया था। तत्कालीन निकाय मंत्री ब्रह्म महिंद्रा ने करीब छह प्रोजेक्टों का नींव पत्थर रखते हुए ऑडिटोरियम को भी इसमें शामिल किया लेकिन अभी तक यहां पर नींव पत्थर से आगे काम नहीं बढ़ पाया है।
फिल्म सिटी का प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में
गत कांग्रेस सरकार के समय फिल्मी सिटी प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट ने थोड़ी रफ्तार पकड़ी थी। उस समय सेक्टर-80 में आईटी सिटी के पास फिल्म सिटी बनाने की रणनीति बनी थी। इसे ताइवान की तर्ज पर बनाने के लिए मंथन हुआ। अधिकारियों की बैठक से लेकर सारी बातें हुईं लेकिन इसके बाद भी प्रोजेक्ट रफ्तार नहीं पकड़ पाया है।
मायानगरी को पसंद है इलाके की खूबसूरती
भले ही मोहाली में फिल्म सिटी या ऑडिटोरियम का प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया है लेकिन इलाके की खूबसूरती पर मायनगरी तक कायल है। इलाके के कई थानों, पार्कों, बस स्टैंड बड़े पर्दे पर अपनी पहचान बना चुुके है। वीर जारा फिल्म की शूटिंग मुल्लांपुर में हुई। इसके अलावा प्री वेडिंग शूट के लिए भी यह आदर्श जगह है लेकिन इस दिशा में अभी तक काम नहीं हो रहा है।
कई नामी स्टूडियो बने शहर की शान
मोहाली में उत्तरी भारत के कई नामी स्टूडियों स्थापित हो चुके है। इससे जहां लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। साथ ही सरकार को राजस्व मिल रहा है। नए सेक्टरों में तो नए कलाकार घरों से अपना काम कर रहे है। दिल्ली नोएडा से स्टूडियो यहां शिफ्ट हो रहे हैं। सचिन आहूजा समेत कई कलाकारों ने अपने स्टूडियो बनाए हैं। उम्मीद है कि इससे इलाके के लोगों को फायदा होगा।
सरकार प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर
शहर के लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए सरकार पूरी तरह से गंभीर है। ऑडिटोरियम की सुविधा जल्दी ही शहर को दिलाई जाएगी। मामला सरकार के ध्यान में है। जल्दी ही इसका निर्माण कार्य शुरू होगा।
विनीत वर्मा सीनियर आप नेता
क्या कहते हैं अधिकारी
हमारी सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए जगह से लेकर अन्य इंतजाम कर दिए थे। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि पहल के आधार पर प्रोजेक्ट पूूरा कर लोगों को सुविधा दें। -कुलजीत सिंह बेदी, सीनियर डिप्टी मेयर मोहाली