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निजी कंपनी ने नौकरी से निकाले 800 से ज्यादा मुलाजिम

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धरने पर बैठे कंपनी के कर्मचारी। - फोटो : MOHALI
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मोहाली। जिले की एक निजी कंपनी ने 800 से ज्यादा मुलाजिमों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। पहले कंपनी ने 24 और फिर 49 मुलाजिमों को बर्खास्त किया। इसके बाद 750 मुलाजिमों को अंदर जाने से मना करके उनके लिए गेट बंद कर दिया गया। इससे आठ सौ से ज्यादा मुलाजिम बेरोजगार हो गए। इसके साथ ही कंपनी बर्खास्त किए गए मुलाजिमों की जगह नए मुलाजिमों को भर्ती करके श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ा रही है। इसका विरोध करते हुए बर्खास्त किए गए मुलाजिमों ने लेबर कमिश्नर कार्यालय से पैदल मार्च निकालकर डीसी के दफ्तर पहुंचकर उन्हें मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र में मुलाजिमों ने कंपनी के प्रबंधकों की कारगुजारी की जानकारी देते हुए डीसी को कंपनी प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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जानकारी के मुताबिक गांव बासमां में स्थित एक निजी कंपनी में करीब 1200 मुलाजिम नौकरी करते हैं। इनमें से 750 से अधिक मुलाजिम दर्जा-4 श्रेणी के तहत काम करते हैं और इन्हें कंपनी में काम करते हुए वर्षों हो गए हैं। वहीं, लंबे समय से कंपनी प्रबंधकों की कारगुजारी से शोषण का शिकार होते हुए मुलाजिमों ने अपनी यूनियन बनाकर जायज मांगों को पूरा करने की मांग की तो कंपनी प्रबंधकों को यह अच्छा नहीं लगा। कंपनी ने मांगों को पूरा करने के बजाय पहले की तरह काम करने की शर्त रखी। लेकिन मुलाजिमों ने शर्त मानने से इंकार कर दिया और समय-समय पर हड़ताल करते रहे। इस पर मुलाजिमों की आए दिन हड़ताल से परेशान होकर कंपनी ने पहले 24 और फिर 49 मुलाजिमों को बर्खास्त कर दिया। इसके बाद कंपनी ने गेट बंद करके 750 मुलाजिमों को अंदर काम पर आने से रोक दिया।
हड़ताल कर निकाला पैदल मार्च
जानकारी के मुताबिक कंपनी प्रबंधकों की कारगुजारी से परेशान होकर शुक्रवार को बर्खास्त मुलाजिमों ने श्रम विभाग कार्यालय से लेकर डीसी ऑफिस तक पैदल मार्च निकालकर रोष प्रदर्शन किया। इसके अलावा फेज-7 लाइट प्वाइंट पर करीब एक घंटे तक रोड जाम किया और इसके बाद सीधा डीसी ऑफिस के बाहर धरना देकर मांग पत्र सौंपा।
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नौकरी जाने से कैसे चलेगा घर
2017 में कंपनी में नौकरी शुरू की और अब कंपनी ने बिना कोई नोटिस दिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है। घर में पांच सदस्यों की जिम्मेदारी मुझ अकेली पर ही है और अब नौकरी चली जाने के बाद आमदनी का कोई साधन भी नहीं है। -सीमा, मुलाजिम
पति की मौत के बाद अकेली कमाने वाली हूं
2016 में मेरे पति की मौत हो गई थी तो इसके बाद कंपनी में नौकरी शुरू की थी। मेरी आमदनी का सहारा केवल नौकरी से मिलने वाली मेरी सैलरी ही थी। लेकिन अब कंपनी प्रबंधकों ने सैलरी बंद कर दी है। इसके अलावा आमदनी का अन्य कोई साधन नहीं है। -बलजिंदर शर्मा, मुलाजिम
नौकरी बिना परिवार आ जाएगा सड़क पर
कंपनी से हर महीने मिलने वाले वेतन से परिवार का गुजारा करती हूं। अब कंपनी के नए फरमान ने परेशानी में डाल दिया है। अगर नौकरी नहीं मिली तो परिवार सड़कों पर आने को मजबूर हो जाएगा। -विद्यावती, मुलाजिम
मैं 2013 से उक्त कंपनी में काम कर रही हूं और कभी किसी काम को लेकर कंपनी प्रबंधकों को शिकायत का मौका नहीं दिया। लेकिन वीरवार को अचानक पता चला कि कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया हैं और अब हमारे पास प्रदर्शन करने के अलावा कुछ नहीं है। -नीलम रानी, मुलाजिम।
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