खरड़। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सत्ता आने के बाद पिछले तीन महीने से शहर के लोग परेशानी झेल रहे हैं। लोगों को जहां अपने शहर का मुख्यमंत्री बनने से खुशी है, वहीं दूसरी ओर बस स्टैंड और शहर के अन्य हिस्सों में हर रोज लगने वाले धरने प्रदर्शनों से बेहद दुख हैं।
इस समस्या का कोई हल न देखकर दुकानदारों और शहरवासियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उच्च न्यायालय को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि पिछले दो तीन महीनों से लगातार खरड़ बस स्टैंड चौक पर किसी न किसी कर्मचारी संगठन की ओर से शहर के दोनों मुख्य मार्गों पर जाम लगाया जा रहा है। इस कारण यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। स्कूली बच्चे, ड्यूटी पर जाने वाले लोग और अन्य जरूरी कामों के लिए बाजार से सामान आदि लेने के लिए जाने वालों को परेशान होना पड़ रहा है और शहर में व्यापार का बुरा हाल हो गया है।
यह सब कुछ सरकार की गलत नीतियों के कारण हो रहा है। लोगों को कहना है कि सरकार और प्रशासन से कई बार निवेदन किया जा चुका है कि सरकार और प्रशासन की ओर से कुछ नहीं किया जाता है। सरकार इस मामले में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
अगर इसी तरह धरने प्रदर्शन और सड़कें जाम होती रहीं तो तीन लाख से भी अधिक आबादी वाला शहर खरड़ पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। शहर की इस बर्बादी के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। खरड़ के समूह दुकानदारों और शहरवासियों ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मांग की है कि इस समस्या को ध्यान में रखते हुए पब्लिक हितों में एक ऑर्डर पास करके यहां पर लगने वाले हर रोज धरनों को तुरंत रोका जाए।