खरड़। खरड़-बलौंगी हाईवे पर रोजाना बस या अन्य साधनों से सफर करने वाले लोगों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने बस क्यू शेल्टर बनाए थे। उस समय कोशिश यह थी कि वहां से लोग आसानी से बस या अन्य वाहन पकड़ पाएंगे। लेकिन बस क्यू शेल्टर में अभी तक बसों के रूट और समय आदि के बारे में जानकारी देने के लिए समय सारणी (टाइम टेबल) नहीं लगाए गए हैं। इससे लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ती है। मजबूरी में लोग ऑटो या अन्य वाहनों से सफर करते हैं। इससे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। लोगों की दलील है कि इस समस्या का पहल के आधार पर हल करवाना चाहिए, साथ ही चंडीगढ़ और पंचकूला की तर्ज पर लोकल बसों के रूट चार्ट और टाइम टेबल बस क्यू शेल्टर में डिस्प्ले किए जाने चाहिए, जिससे लोगों को दिक्कत न उठानी पड़ी।
जानकारी के मुताबिक बलौंगी से लेकर खरड़ तक करीब दस किलोमीटर तक फ्लाईओवर बना हुआ है। इस फ्लाईओवर के दोनों ओर कई नामी रिहायशी सोसायटीज हैं। यहां पर काफी संख्या में ट्राइसिटी में काम करने वाले लोगों के अलावा स्कूल और कॉलेजों के छात्र पढ़ाई करते हैं। करीब 30-40 हजार लोग सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। जिसमें ऑटो, कैब और सरकारी लोकल बसें शामिल हैं। वहीं, अगर हम बलौंगी से खरड़ तक के इलाके की बात करें तो जहां भी बस क्यू शेल्टर बनाए गए हैं, वहां पर बसों के रूट चार्ट समेत अन्य सुविधाएं तक नहीं हैं। इतना ही नहीं बस क्यू शेल्टरों पर शरारती लोगों की ओर से इन्हें और ज्यादा खराब किया जा रहा है और वह इनके ऊपर मार्कर और अन्य चीजों से कुछ न कुछ लिखकर इनको खराब कर रहे हैं। इसके अलावा जहां पर रिहायशी सोसायटीज अधिक हैं, वहां पर फुटपॉथ पर दुकानें लगाने वालों ने कब्जे करने शुरू कर दिए हैं। वह अपना सामान आदि वहां पर रख देते हैं। ऐसी दिक्कत निज्जर चौक के पास भी आ रही है। इसके एक तरफ मां शिमला होम, राजधानी एनक्लेव, पार्वती एनक्लेव, पारस पनोरमा जैसी सोसायटीज हैं, तो दूसरी तरफ सन्नी एनक्लेव का इलाका है। इसके अलावा लोगों को कई अन्य तरह की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है।
पहल के आधार पर बनाएं बस क्यू शेल्टर
हाईवे के दोनों किनारों पर बनाए गए सभी बस क्यू शेल्टरों में बसों की समय सारणी (टाइम शेड्यूल) प्रदर्शित करना चाहिए। क्योंकि बस केवल लोकल लोग ही नहीं पकड़ते हैं। बल्कि बाहरी राज्यों के लोग भी काफी संख्या में यहां आते जाते रहते हैं। उन्हें भी दिक्कत उठानी पड़ती है। - रीविया रानी, निवासी खरड़।
ऑटों वाले वसूलते हैं मनमाना किराया
बस क्यू शेल्टर में बसों के रूट प्रदर्शित न होने से लोग बसों का इंतजार नहीं करते और ऑटो वाले लोगों से मनमाना किराया वसूलते हैं। उनका सीधा तर्क होता है कि अब कोई बस नहीं आनी है। ऐसे में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। - राजिंदर सिंह खैरा, निवासी खरड़।
बसों के रूट की जानकारी के बोर्ड लगें
अगर शहर के सभी बस क्यू शेल्टर पर बसों के रूट की जानकारी के बोर्ड लग जाएंगे तो लोग ऑटो वालों की लूट से बच सकते हैं। इसके अलावा ऑटो आदि का किराया भी दर्शाना जाना चाहिए। जिससे लोगों को इसका फायदा हो और वह बसों में सफर कर सकें। सरकार बहुत बड़े दावे कर रही है, लेकिन लोगों को सुविधाएं नहीं दे रही है। - नवीन, निवासी खरड़।
चंडीगढ़ की तर्ज पर बने बस क्यू शेल्टर
खरड़ में सभी बस क्यू शेल्टर पर चंडीगढ़ की तर्ज पर बसों के रूट और उनका आने-जाने का समय डिस्प्ले जरूर किया जाना चाहिए। जिससे लोगों का फायदा हो सके। ऐसा न होने से रोजाना लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। - प्रीति निवासी, खरड़।