जीरकपुर। आपराधिक गतिविधियों में शामिल रह चुके एक व्यक्ति का लाखों रुपये लेकर जाली दस्तावेजों पर पासपोर्ट बनाकर उसे विदेश भेजने के मामले में मुख्य आरोपी जीरकपुर थाने के मुंशी सुखवंत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले इस मामले में सिपाही रजिंदर सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वीरवार को आरोपी सुखवंत सिंह को डेराबस्सी की अदालत में पेश किया गया। यहां से अदालत ने उसे 9 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक सुखवंत सिंह ने पूछताछ में बताया है कि उसने जाली कागजात लगाकर पासपोर्ट की वेरिफिकेशन के लिए चार लाख रुपये की रिश्वत ली थी। डीएसपी मंजीत सिंह औलख ने बताया कि दोनों पुलिस मुलाजिमों को सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ एक अलग से विभाग की अंदरूनी इंक्वॉयरी खोल दी गई है। बता दें कि जीरकपुर में दो पुलिस मुलाजिमों ने कई आपराधिक मामलों में शामिल एक व्यक्ति के जाली दस्तावेजों की वेरिफिकेशन करके उसका पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी। इसके बाद वह व्यक्ति विदेश चला गया था।
डीएसपी मंजीत सिंह ने 18 अक्तूबर को एक शिकायत एसएसपी मोहाली को दी थी कि दोनों पुलिस मुलाजिम सिपाही रजिंदर सिंह और मुख्य मुंशी सुखवंत सिंह ने वीआईपी रोड पर स्थित जयपुरिया सन राइज कांप्लेक्स के रहने वाले सर्बजीत सिंह के पासपोर्ट की जाली वेरिफिकेशन की थी। सर्बजीत सिंह के खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज थे। बताया जा रहा है कि 15 अक्तूबर, 2019 को जाली कागजात तैयार करके पासपोर्ट की इंक्वायरी की थी, इस कर कारण उसी पासपोर्ट के आधार पर सर्बजीत सिंह विदेश चला गया। जब इस मामले की जांच की गई तो उक्त दोनों पुलिस मुलाजिमों की असलियत सामने आई। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।