मोहाली। पर्यावरण को बचाने के लिए अब जिला प्रशासन भी अहम भूमिका निभाएगा। इसके तहत जिले के सारे सरकारी दफ्तरों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू होगी। यह सारी प्रक्रिया राज्य सरकार के ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट के तहत होगी। इसमें डीसी, एसडीएम व विभिन्न विभागों के दफ्तर शामिल रहेंगे। एक जनवरी 2020 (नववर्ष) तक सारे दफ्तर कागज मुक्त हो जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट को तय समय में पूरा करने के लिए सहायक कमिश्नर जनरल यशपाल शर्मा ने समूह विभागों के अधिकारियों से अहम मीटिंग की। इसके लिए हर दफ्तर से 21 नवंबर तक नोडल अफसर तैनात किए जाएंगे। नोडल अफसरों को भी ई-गवर्नेंस विभाग व नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर की तरफ से विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। विभाग के समूह अधिकारियों व मुलाजिमों के सरकारी ईमेल पते बनाने के लिए नोडल अफसर को 27 नवंबर तक मुलाजिमों के नामों का ब्योरा भेजना होगा। इसके बाद पांच दिसंबर तक मुलाजिमों का पूरा ब्योरा जैसे पद, ज्वाइन करने की तिथि, सेवामुक्ति की तिथि व विभागी दर्जा बताना होगा ताकि ई-ऑफिस प्रणाली के तहत फाइलों को आगे भेजने में कोई मुश्किल न आए।
डीसी ऑफिस में सिस्टम हुआ शुरू
शर्मा ने बताया कि डीसी ऑफिस में ई-ऑफिस प्रणाली एक नवंबर से शुरू की जा चुकी है लेकिन सरकार के दिशा-निर्देश के तहत अब उक्त प्रणाली समूह जिला विभागों तक पहुंचाई जानी है। इसके लिए सरकारी दफ्तरों में इंटरनेट प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
ई-ऑफिस सिस्टम की होगी समीक्षा
सहायक कमिश्नर ने विशेष तौर पर कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली की समीक्षा के लिए डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में मीटिंग की जाएगी। इनमें मुश्किलों का निपटारा करने व कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।