मोहाली। वीआईपी शहर में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधीन आने वाली सड़कें अब जवाब नहीं देगी। इतना ही नहीं यदि किसी जगह सड़क टूट भी जाती है तो उसकी तुरंत मरम्मत भी होगी। इसके लिए गमाडा ने अब नया प्रयोग करने का फैसला लिया है। इसके तहत सड़कों की रिकार्पेटिंग से लेकर पांच साल तक मरम्मत की जिम्मेदारी भी निजी कंपनी को ही दी जाएगी। इसकी शुरूआत गमाडा न्यू चंडीगढ़ स्थित ईको सिटी से करेगा। अगर यह प्रयोग कामयाब रहता है तो गमाडा की ओर से इसे आगे अन्य इलाकों में भी लागू किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक शहर में नया एरिया गमाडा की ओर से बसाया जाता है। इसके बाद उसकी देखरेख का जिम्मा उस इलाके की अथॉरिटी संभालती है। इसके मद्देनजर गमाडा ने न्यू चंडीगढ़ में ईको सिटी बसाई है। यह गमाडा का न्यू चंडीगढ में पहला रिहायशी प्रोजेक्ट है। यह इलाका अब लगभग बस गया है और कई बाहरी राज्यों के लोगों ने भी यहां पर निवेश किया है। लेकिन अक्सर समस्या रहती थी कि इलाके की सड़कें जवाब दे रही हैं। इस बात को लेकर हर समय लोगों की शिकायत रहती थी। जिसके बाद गमाडा के थिंक टैंक ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है और इस काम पर पर करीब 1726 लाख रुपये की लागत आएगी। गमाडा अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर में कंपनी को काम अलॉट कर दिया जाएगा। इसके साथ ही जनवरी से कंपनी अपना संभाल लेगी। इन सभी प्रोजेक्ट में गमाडा नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा और साथ ही कंपनी की ओर से किए जाने वाले काम की समीक्षा होगी। इसके अलावा काम की क्वालिटी व अन्य चीजों पर फोकस किया जाएगा। यदि किसी एरिया में कोई दिक्कत आती है तो उसे पहले के आधार पर सुधारा जाएगा। इस प्रस्ताव को गमाडा की उच्च अधिकारियों की मीटिंग में अनुमति मिल चुकी है।
गमाडा को ऑनलाइन शिकायतत कर पाएंगे लोग
जानकारी के मुताबिक गमाडा की कोशिश यही है कि ईको सिटी समेत अन्य इलाकों में रहने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए। ऐसे में गमाडा जहां लोगों से ऑनलाइन शिकायतें सुनने के लिए स्पेशल ईमेल चला रहा है। इसके अलावा संबंधित इलाके के लिए व्हॉटसएप नंबर भी जारी किया जाएगा। जिससे लोग तुरंत शिकायत कर पाएंगे। इसके बाद उस शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। कुछ समय पहले गमाडा ने मोहाली एरिया में नंबर चलाया था, जो कि कामयाब रहा था।
सड़कों की मरम्मत के लिए बनेगी फ्लाइंग टीम
जानकारी के मुताबिक सड़कों की मरम्मत के लिए गमाडा की तरफ से एक फ्लाइंग टीम गठित की जाएगी। जो कि रोजाना पूरे इलाके में जाया करेगी और इसके बाद जिस एरिया में सड़कें टूटी होंगी या कोई अन्य दिक्कत होगी। उसे पहल के आधार पर सुधारा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयोग कामयाब रहता है तो अन्य एरिया में इसे लागू किया जाएगा।