मोहाली। वीआईपी शहर के लोगों को अब प्रॉपर्टी टैक्स भरने में दिक्कत नहीं आएगी। लोग अब फोन चलाते हुए व्हाट्सएप के माध्यम से भी अपना टैक्स भर पाएंगे। यह सुविधा नगर निगम ने शुरू कर दी है। इसके अलावा अन्य ऑनलाइन विकल्प पहले की तरह चलते रहेंगे।
नगर निगम ने साफ किया है कि जो व्यक्ति साल 2022-23 का टैक्स 30 सितंबर से पहले भरेगा, उसे 10 फीसदी छूट दी जाएगी। नगर निगम ने इस संबंधी कंट्रोल रूम तक गठित कर दिया है। निगम इस समय आर्थिक तंगी का सामना कर रहा रहा है। गमाडा समेत कई विभागों से अभी तक करोड़ों रुपये की अदायगी नहीं हुई है। ऐसे में नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स से ही आमदनी की उम्मीद है। इस बार के बजट में नगर निगम ने 28 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का लक्ष्य रखा है।
प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए 87509-75975 पर करना होगा मैसेज
निगम की रणनीति यह है कि लोग आसानी और जल्दी भुगतान कर दे। इसके लिए अब व्हाट्सएप की सुविधा शुरू की गई है। व्हाट्सएप पर प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए लोगों को मोबाइल नंबर 87509-75975 पर मैसेज करना होगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। व्हाट्सएप नंबर खुद ही गाइड करता जाएगा। इससे लोग आसानी से अपना टैक्स भर पाएंगे। इसके अलावा mseva.lgpunjab.gov.in पर भी यह सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कैश, चेक व डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भी प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान किया जा सकता है। डिमांड ड्राफ्ट व चेक आदि की सुविधा नगर निगम भवन के पास से हासिल की जा सकती है। इसी तरह सेक्टर-68 स्थित नगर निगम भवन के कैबिन नंबर 20 में जाकर प्रॉपर्टी टैक्स भरा जा सकता है।
52678 प्रॉपर्टी से आता है टैक्स
नगर निगम के अधीन अभी तक 52678 प्रॉपर्टीज आती हैं। इनका पूरा रिकॉर्ड नगर निगम के पास है। इनमें से 41082 रिहायशी और 4929 व्यापारिक हैं। वहीं 1683 इंडस्ट्रियल और 4984 खाली प्लॉट हैं। इनमें से 24406 प्रॉपर्टी से नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। निगम को सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स इंडस्ट्रियल एरिया से आता है। इसके बाद व्यापारिक इलाका शामिल है। हालांकि सरकारी विभागों से वसूली में कई तरह की दिक्कत आती है।
पुलिस से लेकर डीसी ऑफिस तक हैं डिफॉल्टर
प्रॉपर्टी टैक्स न भरने के मामले में आम लोग ही नहीं, पुलिस व डीसी ऑफिस से चल रहे कई विभाग भी डिफॉल्टर हैं। इन पर करीब सात करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इसमें पुलिसवालों को कई बार नोटिस भेजे गए। पुलिस विभाग का कहना है कि हमारे बजट में प्रॉपर्टी टैक्स के बारे में अभी तक प्रावधान नहीं है जैसे ही वहां पर प्रावधान हो जाएगा। इसके बाद वह भुगतान कर देंगे। इसी तरह डीसी ऑफिस की बिल्डिंग से कई सरकारी विभाग चलते हैं। वहां से प्रत्येक विभाग अपने दफ्तर का टैक्स भर रहा है। ऐसे में टैक्स की वसूली में दिक्कत आ रही है। हालांकि डीसी अमित तलवार की कोशिश की जाएगी कि आगे से ऐसी दिक्कत न आए।