मोहाली। अब जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टर निजी प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने इस संबंध में डॉक्टरों को हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि सरकारी डॉक्टरों द्वारा निजी प्रैक्टिस करना विभागीय नियमों के विपरीत है। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन ने कहा कि डॉक्टरों को सरकारी नौकरी या निजी प्रैक्टिस में से एक विकल्प चुनना होगा। इसमें कोई संदेह नहीं है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में तैनात डॉक्टर पूरी मेहनत व लगन से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन सरकारी डॉक्टरों द्वारा की जा रही निजी प्रैक्टिस उचित नहीं है। स्वास्थ्य व परिवार भलाई मंत्री डॉ. विजय सिंगला की सख्त हिदायत है कि निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा।
उनका मानना है कि ऐसे डॉक्टर सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों और अपने पवित्र काम के साथ भी इंसाफ नहीं करते हैं। सरकारी डॉक्टर का फर्ज बनता है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में आने वाले मरीजों का पूरा ख्याल रखें। साथ ही पूरी संजीदगी, शिष्टाचार व अच्छे तरीके से मरीजों का इलाज करें। उन्होंने संस्थाओं के प्रमुखों को हिदायत दी है कि वे यकीनी बनाएं कि ऐसा कोई डॉक्टर न हो जो इस तरह का काम करता है। यदि उनके संज्ञान में ऐसा मामला आएगा तो कार्रवाई करने के साथ ही उच्चाधिकारियों के ध्यान में मामला लाया जाएगा।