मोहाली। शहर मोहाली को बसे 46 साल हो गए और इस लंबे इंतजार के बाद आखिर वीआईपी सिटी को अपनी सिटी लोकल बस सर्विस मिलने का रास्ता साफ हो ही गया। निकाय विभाग से लोकल सिटी बस चलाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। नगर निगम की ओर से शहर के लिए पहले चरण में सीएनजी की 6 लो फ्लोर बसें खरीदी जाएंगी। इन बसों को लेकर रूट प्लान आदि जल्द ही फाइनल कर लिया जाएगा। मोहाली के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक सिटी लोकल बस सर्विस चलाने के लिए भी नगर निगम ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत नगर निगम निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगा और कंपनियों की ओर से बसें चलाई जाएंगी। वहीं, नगर निगम कंपनी को विज्ञापन लगाकर कमाई का करने का ऑफर देगा। इस दौरान रोड पर केवल सीएनजी बसें ही चलेंगी। इसके पीछे कोशिश यह है कि पर्यावरण को बचाया जा सके। दूसरा ईंधन पर भी कम खर्च आएगा। नगर निगम ने इसके लिए कई शहरों के मॉडल स्टडी किए हैं। इसके बाद इस प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है। निगम के अधिकारियों की मानें तो इस प्रोजेक्ट से निगम पर वित्तीय बोझ नहीं आएगा और साथ ही प्रोजेक्ट आसानी से सिरे चढ़ जाएगा। बता दें कि इलाके में अभी तक कोई सिटी बस सर्विस नहीं है। सीटीयू के सहारे ही लोग बस में सफर करते हैं। वहीं, शाम को 6 बजे के बाद बस सर्विस पूरी तरह बंद हो जाती है और इसके बाद से ऑटो वाले सवारियों से ज्यादा पैसे वसूलते थे।
इस हिसाब से तय किए रूट
जानकारी के मुताबिक नगर निगम की ओर से बसों के रूट भी तैयार किए गए हैं। इस दौरान उन जगहों को चुना गया है, जहां पर लोगों का आना जाना अधिक रहता है। इसके अलावा सभी सरकारी दफ्तरों को कवर किया गया। स्कूल और कॉलेज के टाइम का भी ध्यान रखा गया है। जिससे इलाके के लोगों को फायदा मिल सके। इन रूटों में मुख्य रूप से सेक्टर-80 से पीजीआई और पीयू, फेज-6 से 11, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल एरिया समेत अन्य एरिया को कवर किया जाएगा। वहीं, किराया भी लोगों के रेट के हिसाब से तय होगा। यह सीएनजी बसें ग्रिड सिस्टम में चलेंगी और इसके लिए ऑनलाइन एप भी तैयार होगा। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल एप से बस को ट्रैक कर पाएगा।
दस साल से योजना थी फाइलों में
नगर निगम की ओर से सिटी लोकल बस सर्विस चलाने के लिए 10 साल से योजनाएं बनाई जा रही थी। लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल पाई। कई बार प्रस्ताव बनाकर निकाय विभाग को भेजे गए थे, लेकिन वहां से प्रोजेक्ट को मंजूरी ही नहीं मिली। क्योंकि पंजाब के अन्य शहरों में सिटी लोकल बस सर्विस के प्रोजेक्ट फेल रहे हैं। ऐसे में इस प्रोजेक्ट को रोका जा रहा था।