कोरोना महामारी के मद्देनजर लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से कोरोना दिशानिर्देशों को 15 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही जिले में अब बाहरी राज्यों से आने वाले उन लोगों को ही सीधे प्रवेश मिलेगा, जिन्होंने कोरोना महामारी से बचाव के लिए दोनों टीके लगवाए होंगे या हाल ही में कोविड महामारी को मात दी हो। जबकि जिन्होंने टीकाकरण नहीं करवाया होगा, उन्हें 72 घंटे पहले आरपीटीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट को दिखाना जरूरी किया गया है।
यदि किसी यात्री के पास इनमें से कोई भी नहीं है, तो आरएटी परीक्षण अनिवार्य होगा। हवाई जहाज से आने वाले लोगों पर भी उक्त नियम लागू रहेंगे। साथ ही लोगों को सामाजिक दूरी, मास्क पहनना और कुछ अंतराल के बाद हाथ धोने की शर्त का पालन करना होगा।
प्रशासन की तरफ से लोगों द्वारा करवाए जाने वालों में समागमों के लिए मेहमानों संबंधी पहले की तरह गाइडलाइन रहेगी। इनडोर हाल में 150 से अधिक और बाहरी एरिया में 300 से अधिक मेहमान नहीं होने चाहिए। जबकि कलाकारों /संगीतकारों को भी कोविड प्रोटोकॉल के साथ अनुमति दी जाएगी। सभी बार, सिनेमा हॉल, रेस्तरां, स्पा, स्विमिंग पूल, कोचिंग सेंटर, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, जिम, मॉल, संग्रहालय, चिड़ियाघर आदि 50 फीसदी क्षमता के साथ खुल पाएंगे।
वहीं, वहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों को पूरी तरह से टीकाकरण होना चाहिए। तैराकी, खेल और जिम में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग आ जा सकेंगे। कॉलेज, कोचिंग सेंटर और उच्च शिक्षा के अन्य सभी संस्थानों को शिक्षा के साथ मंजूरी दी गई। छात्रों के लिए ऑनलाइन एजुकेशन का विकल्प उपलब्ध होना चाहिए। वही स्कूल खुलेंगे जहां पर पूरी तरह से टीकाकरण, या फिर कोविड को मात देने वाले शिक्षण, गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अनुमति रहेगी।
ऐसी स्थिति में चौथी तक स्कूल रहेंगे बंद
जिले के जिन शहरों में कोरोना की पॉजिटिव दर 0.2 फीसदी से ऊपर है। वहां पर स्थिति में सुधार होने तक पहली कक्षा से 4 तक के स्कूल बंद रहेंगे। कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, उच्च शिक्षा संस्थानों, स्कूलों के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को विशेष शिविरों के साथ टीकाकरण के लिए प्राथमिकता दी जाएगी ताकि सभी को इस महीने के भीतर पहली खुराक से कवर किया जा सके। दूसरी खुराक के लिए लोगों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता को तत्काल टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।