लालड़ू। गांव हंसाला के निकट खेतों में तेंदुए होने की खबर से करीब आधा दर्जन गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन जीव विभाग को दी है। साथ ही तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है। वहीं, इस संबधी गांव के गुरुद्वारा साहिब से घोषणा करवा दी है कि जंगल की तरफ स्थित खेतों में कोई भी ग्रामीण अकेला न जाए।
गांव हंसला के जसविंदर सिंह ने बताया कि वह वीरवार सुबह करीब 5:45 बजे अपने ट्रैक्टर से खेत जोत रहे थे। अचानक शीशे में उसकी नजर पीछे झाड़ी के निकट खड़े एक तेंदुए पर पड़ी। जसविंदर ने तुरंत ट्यूबवेल के कोठे में सो रहे तीन कंबाइन चालकों को डंडे लेकर अपने पास बुलाया। आधा घंटे तक तेंदुए वहां रहा और उसके बाद वह चला गया। पिछले महीने गांव चंडियाला के लोगों ने भी तेंदुए होने की सूचना स्थानीय थाने को दी थी। इसके अलावा गांव के एक व्यक्ति ने निकट घग्गर नदी में तेंदुए को पानी पीते देखा गया था, लेकिन किसी ने उसकी बात पर गौर नहीं किया था। ग्रामीणों ने बताया कि निकट के गांवो रज्जोमाजरा, हुंबड़ा, अमराला, चंडियाला, ममौली, सूरत मनौली, बैरमाजरा के लोगों में तेंदुए की सूचना से सहम पाया जा रहा है।
शुक्रवार को पिंजरा लगाकर काबू करने का करेंगे प्रयास
वन्य जीव विभाग के अधिकारी बलविन्द्र सिंह ने बताया कि उन्हें इस संबंधी गांव से सूचना मिली है और शुक्रवार सुबह उक्त स्थान पर जाकर मौके का दौरा कर जांच की जाएगी और पिंजरा लगाया जाएगा ताकि जानवर को पकड़ा जा सके। उन्होंने ये भी बताया कि पिछले दो महीने पहले आयुद्ध भंडार दप्पर द्वारा तेंदुए होने की अंदेशा पर वहां पर पिंजरा लगाया थ, लेकिन सफलता नहीं मिली। खुला इलाका होने के चलते ऐसे जानवर एक जगह पर नहीं टिकते, फिर भी उक्त जगह पर पिंजरा लगाया जाएगा।