मोहाली। जिला पुलिस ने एक बड़े शराब तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गिरोह के दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर अवैध शराब की चार हजार पेटियां, एक ट्रक व दो कैंटर बरामद किए हैं।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर तस्कर शराब का जखीरा जुटा रहे थे। हालांकि किसी राजनेता से कोई लिंक अभी तक सामने नहीं आया। यह खुलासा रविवार को एसएसपी मनजोत सिंह माहल ने प्रेस कांफ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि यह पंजाब पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी शराब रिकवरी है। आरोपियों की पहचान विक्की मूल निवासी सिरसा हालनिवासी जीरकपुर और कृष्ण कुमार निवासी हैबोवाल लुधियाना के रूप में हुई है। शराब मोहाली समेत पंजाब के अन्य जिलों में जानी थी।
ऊपर फलों की टोकरियां, नीचे पेटियां
एसएसपी ने बताया कि शनिवार को जिला पुलिस की टीम ने फेज-छह में त्योहारों को चलते स्पेशल नाका लगाया हुआ हुआ था। इस दौरान एक कैंटर को चेकिंग के लिए रोका गया। कैंटर में ऊपर फलों की टोकरियां रखी हुई थीं। जब पुलिस ने जांच की तो नीचे शराब की 520 पेटियां निकलीं। कैंटर को कृष्ण कुमार चला रहा था। उसने बताया कि वह शराब अंबाला के एक गोदाम से भरकर लाया था। इसके बाद टीम ने रातों रात कार्रवाई की। साथ ही बड़ी मात्रा में शराब को बरामद किया है।
शराब पर ब्रांड के जाली लोगो व स्टिकर
एसएसपी ने बताया कि कृष्ण को साथ लेकर पुलिस ने अंबाला स्थित गांव सोहड़ा में दबिश दी। वहां पर बिक्रम इंटरप्राइजेस गोदाम में छापा मारा तो वहां शराब का पूरा गोदाम निकला। वहां लोड खड़े दो वाहनों को पुलिस मोहाली ले आई। इस दौरान कुल 3959 पेटियां बरामद हुईं। शराब की बोतलों पर एक ब्रांड का लोगो लगा हुुआ था। जांच में सामने आया कि यह लोगो भी नकली था। इस गोदाम पर किसी को शक न हो इसलिए यहां वाटर सप्लाई विभाग का बोर्ड लगा रखा था।
पुलिस व एक्साइज विभाग की ज्वाइंट टीम गठित
अब पुलिस व एक्साइज विभाग की एक ज्वाइंट टीम गठित की गई है। यह टीम इस चीज का पता लगाएगी कि आखिर यह शराब कहां से तैयार हो रही थी। साथ ही कहां सप्लाई होनी थी। इस गिरोह के पीछे कौन लोग शामिल हैं। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किया गया विक्की कोई छोटा व्यक्ति नहीं है।