मोहाली। इलाके की मोटर मार्केटों में काम करने वाले दुकानदारों व मैकेनिकों ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। उन्होंने कहा कि मोटर मार्केट में दुकानों के लिए वे पूरी फीस भर चुके हैं लेकिन अभी तक दुकानों के लिए जगह अलॉट नहीं की जा रही है। जल्दी ही इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री की रिहायश के आगे मरणव्रत शुरू करने के साथ ही गमाडा के दोनों गेट भी बंद करेंगे। इस दौरान किसी भी तरह का कोई नुकसान होता है तो उसके लिए गमाडा अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
मोटर मार्केट एसोसिएशन के प्रधान अमनदीप सिंह अबियाना ने बताया कि मोटर मार्केट को शिफ्ट करने के लिए गमाडा की तरफ से आठ साल पहले प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस दौरान मोहाली गांव के दुकानदारों और मैकेनिकों को हटाया गया था जबकि फेज-सात और एक में अभी दुकानदार व मैकेनिक काम कर रहे हैं। पहले सेक्टर-66 में शिशु निकेतन स्कूल और बाद में गांव कंबाली के नजदीक जगह अलॉट हुई। बूथ व शोरूमों के लिए 100 फीसदी पैसे गमाडा में लोगों ने जमा करवाए हुए हैं। प्रति बूथ डेढ़ लाख और प्रति शोरूम के छह लाख रुपये गमाडा के पास जमा हैं। अब कंबाली के पास जगह विकसित की जा चुकी है। लोगों की दलील है कि वे अलॉटमेंट के लिए पुडा भवन के चक्कर लगाकर हार चुके हैं लेकिन इस दिशा में कोई उचित कार्रवाई नहीं हो रही है। इस मामले में उन्होंने गमाडा के सीए से भी मुलाकात की है। गमाडा के सीए ने कहा कि दस्तावेजों में अभी जगह शिफ्ट नहीं हुई है।
उनका कहना है कि यह काम तो अधिकारियों के स्तर पर होना है लेकिन उन्होंने तो पैसे कई साल पहले जमा करवाए हैं। इस मौके अन्य लोगों कहा कि अब उनका सब्र का बांध टूट चुका है। इस मौके पर महासचिव चरणजीत सिंह, कैशियर अमित बंसल, सचिव हरदेव सिंह समेत कई सदस्य हाजिर थे।
चंडीगढ़ की तर्ज पर बनाई थी योजना
गमाडा ने शहर की विभिन्न मार्केटों में लगने वाली मोटर मार्केट को एक ही जगह पर शिफ्ट करने की योजना चंडीगढ़ की तर्ज पर बनाई थी। इसके तहत शहर की मार्केट के लिए बिल्कुल बाहरी एरिया चुना था ताकि इससे शहर की अंदरुनी सड़कों पर परिवहन का दवाब न बने। साथ ही लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। हालांकि अब कंबाली के पास जगह पूरी तरह विकसित हो चुकी है। ऐसे में दुकानदार गमाडा से इस दिशा में काम शुरू करने की गुहार लगा रहे हैं।