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हरियाणा और पंजाब का जमीनी विवाद सुलझा, हरियाणा ने कंटीली तार लगाकर किया कब्जा

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जीरकपुर। पंचकूला के सेक्टर-19 और बलटाना में गोल्डन एस्टेट के बीच पड़ते पंजाब हरियाणा बॉर्डर की जमीन का लंबे समय से चल रहा विवाद वीरवार को सुलझ गया। पंचकूला स्टेट ऑफिस और जीरकपुर नगर काउंसिल के अधिकारियों की हुई अहम मीटिंग के बाद इसका पुख्ता तौर पर हल कर दिया गया है। इसके बाद पंचकूला के एचएसवीपी के अधिकारियों की ओर से अपनी जमीन पर छोटे खंभे लगाकर कंटीली तार लगा दी गई है। बता दें कि यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा था और दोनों ओर के अधिकारी इस जमीन को लेकर बहुत बार पैमाइश कर चुके हैं।
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जीरकपुर नगर काउंसिल और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की चार दिन पहले हुई मीटिंग में तय किया गया था कि इस बॉर्डर पर पड़ती जमीन को लेकर किसी प्रकार का विवाद करने से बेहतर है कि इसका स्थायी तौर पर समाधान किया जाए। इसके बाद सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के आधार पर दोनों प्रदेशों की जमीन की पैमाइश पहले ही की जा चुकी है। इसमें कुछ जमीन पंजाब की हरियाणा के पास है, जबकि कुछ जमीन हरियाणा की पंजाब के पास है। अब कुछ जमीन हरियाणा पंजाब को देगा, जबकि इसी तरह पंजाब भी हरियाणा को कुछ जमीन देगा। पंचकूला के सेक्टर-19 के पास की कुछ जमीन हरियाणा की पंजाब के क्षेत्र में आती है, इसके बदले में पंजाब किसी और जगह हरियाणा को जमीन देगा। दोनों पक्षों की सहमति के बाद शांतिपूर्वक यहां पर कंटीली तार लगाने का काम किया गया।
पिछली बार माहौल हो गया था तनावपूर्ण
बता दें कि पिछले लंबे समय से चल रहे हरियाणा पंजाब जमीनी विवाद को लेकर पिछले मंगलवार को माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया था, जब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारी पंजाब बॉर्डर पर पड़ती गोल्डन एस्टेट में पिल्लर लगाने पहुंच गए थे। उन्हें रोकने के लिए गोल्डन एस्टेट के लोगों और वार्ड नंबर- 5 व 7 की पार्षद की ओर से जमकर विरोध किया गया था। हंगामा बढ़ता देख नगर काउंसिल जीरकपुर और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। हालांकि एचएसवीपी के अधिकारी पूरी टीम और पुलिस फोर्स के साथ यहां पहुंचे थे। लेकिन लोगों ने उन्हें पिल्लर लगाने से रोक दिया था। इसके बाद मौके पर पहुंची नगर काउंसिल की टीम ने रेवेन्यू विभाग से पूरी जानकारी लेकर विवाद को सुलझाने की बात कही थी, जिसके लिए उन्होंने दो दिन का समय मांगा था।
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