मोहाली। वीआईपी शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। हर इलाके में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। पार्षदों और लोगों की मानें तो इसके लिए नगर निगम खुद जिम्मेदार है। क्योंकि नगर निगम में जरूरत के हिसाब से सफाई मुलाजिमों की भर्ती नहीं की गई है। इसके अलावा कुछ मुलाजिम वीआईपी ड्यूटी पर तैनात हैं। ऐसे में सफाई का स्तर सुधारना निगम के लिए भी सिरदर्दी बन गया है। यह मामला पार्षदों की हाउस की मीटिंग तक में उठ चुका है। जबकि उस समय अधिकारियों का जवाब था कि जल्द ही कुछ मुलाजिम ठेके पर और मैकेनिकल स्वीपिंग का ठेका देकर स्थिति को सुधारा जाएगा। लेकिन अभी तक बात सिरे नहीं चढ़ पाई है।
जानकारी के मुुताबिक नगर निगम की ओर से पहले सफाई के काम का ठेका निजी कंपनी को दिया गया था। लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नगर निगम ने अपने स्तर पर मुलाजिम रखे थे। उस समय करीब 700 मुलाजिम भर्ती करने की प्रक्रिया चली थी। लेकिन सूत्रों की मानें तो नगर निगम को करीब 500 ही मुलाजिम मिल पाए। जबकि जरूरत करीब 1200 मुलाजिमों की है। पार्षद इस मामले में हाउस में भी अपनी आवाज उठा चुके हैं। उनकी दलील है कि नगर निगम पहल के आधार पर मुलाजिम भर्ती करें तो ही इसे सुधारा जा सकता है। याद रहे कि सफाई के मामले में गत पिछले साल मोहाली की रैकिंग में सुधार हुआ था। इलाके की रैकिंग 81वें नंबर पहुंच गई थी। लेकिन इस बार रैकिंग सुधर पाएगी, इसका भी डर सता रहा है।
मुलाजिमों की कमी से बिगड़ी सफाई
इलाके में सफाई का बुरा हाल है। फेज-छह के दो वार्डों में पहले चौबीस सफाई मुलाजिम तैनात थे, लेकिन अब वहां पर केवल 12 मुलाजिम ही तैनात हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था कैसे सुधरेगी। इस दिशा में नगर निगम को सोचना होगा। साथ ही मुलाजिमों की कमी को पहल के आधार पर पूरा करना होगा। -आरपी शर्मा, पूर्व पार्षद
जहां फोन करते हैं, वहीं होती है सफाई
नगर निगम सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। जहां गंदगी के बारे में फोन कर दिया जाता है। वहां की सफाई व्यवस्था को सुधार दिया जाता है। जबकि अन्य एरिया की कोई सुध नहीं लेता है। रिहायशी एरिया के मुलाजिम सड़कों और अन्य इलाकों में तैनात करने से स्थिति बिगड़ी है। -अश्वनी अरोड़ा, बिजनेसमैन
सफाई के काम को गंभीरता से ले निगम
इलाके के रिहायशी इलाके से लेकर इंडस्ट्रियल एरिया तक सफाई का बुरा हाल है। हर जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नगर निगम को इस दिशा में तुरंत ध्यान देना होगा। वरना बाद में हालात बिगड़ जाएंगे। इससे इलाके के विकास पर भी असर पड़ा है। इसे गंभीरता से लिया जाएगा। -नरेश धीमान, बिजनेसमैन
सीएम सिटी की सफाई व्यवस्था में सुधार होगा
मोहाली सीएम सिटी है। अगर सीएम के इलाके की सफाई का यह हाल है तो अन्य इलाकों की स्थिति कैसे होगी। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। हरेक व्यक्ति सफाई करवाने के लिए नगर निगम को रोजाना फोन नहीं कर सकता है। नगर निगम को चाहिए कि सफाई व्यवस्था के काम को पुख्ता किया जाए। जिससे लोगों को दिक्कत न उठानी पड़े। -एसडी शर्मा, सेवानिवृत्त अधिकारी, पंजाब सरकार।