मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) ने सोमवार को एसवाईएल नहर (दशमेश) के लिए सालों पहले एक्वॉयर की गई करोड़ों रुपये की छह किलोमीटर दायरे की 104 एकड़ जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त करवाया। इसके मद्देनजर सुरक्षा में सुबह से लेकर शाम तक गमाडा की कार्रवाई चली। निगम की ओर से पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई गई। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस जमीन का इस्तेमाल गमाडा की ओर से विकास कार्यों में किया जाएगा। इसके अलावा बाकी जमीन को भी जल्द ही कब्जा मुक्त करवाया जाएगा। इस संबंधी पूरी योजना विभाग की ओर से तैयार कर ली गई है।
जानकारी के मुताबिक गमाडा की ओर से यह विशेष ड्राइव सोमवार सुबह ही शुरू कर दी गई थी। इसके लिए कई जेसीबी मशीन लेकर टीमें पहुंची थी। गमाडा की ओर तरफ से सेक्टर 80-81 से लेकर सेक्टर 106 तक ड्राइव चलाई गई। इस दौरान छह किलोमीटर के एरिया से 104 एकड़ जमीन पर गमाडा ने अवैध कब्जा हटाकर अपना कब्जा लिया। यह जमीन करोड़ों रुपये की बताई जा रही है। यह कार्रवाई कड़ी पुलिस सुरक्षा में चलाई गई। गमाडा के एस्टेट अफसर मनकंवल सिंह चहल ने कहा कि जमीन से कब्जा लेने संबंधी अभियान शुरू कर दिया गया है। यह पूरी जमीन जल्द ही खाली करवा दी जाएगी। कुछ जगह पर किसानों और इलाकों के लोगों ने कब्जा किया हुआ था। याद रहे कि गमाडा ने 2013 में दशमेश लिंक नहर के चिल्ला खुर्द गांव से रायपुर कलां तक सेक्टर 80 से सेक्टर 106 को कवर करने के लिए तकरीबन 105 एकड़ जमीन एक्वायर की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2017 में इस परियोजना पर रोक लगा दी थी। किसान तब से कृषि उद्देश्यों के लिए भूमि के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो बेल्ट के अंतर्गत आते हैं। हालांकि अब यह जमीन गमाडा के अधीन आ गई है।
जमीन पर कब्जा करके बना ली थी चहारदीवारी
जानकारी के मुताबिक जिस जगह से सोमवार को गमाडा की टीम ने अवैैध कब्जे हटाए हैं, यह एरिया पूरी तरह विकसित हो चुका है। इतना ही नहीं कब्जा धारकों ने जमीन पर कब्जा करके यहां पर चहारदीवारी तक की हुई थी। यहां पर सब्जियां और अन्य चीजे उगा रहे थे। लेकिन गमाडा ने अपनी जेसीबी चलाकर सभी चीजों को हटा दिया है।