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विश्व के पहले माता-पिता मंदिर का शिलान्यास, तीन साल में होगा तैयार

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मंदिर का निर्माण शुरू करते हुए। - फोटो : MOHALI
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मोहाली /बनूड़। बनूड़ के साथ लगते गांव खल्लौर में विश्व के प्रथम और एकमात्र मात-पिता मंदिर का मंगलवार को शिलान्यास किया गया। यह मंदिर 2-3 साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें कोई प्रतिमा नहीं होगी। नींव पूजा कार्यक्रम में आचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. दिवाकर सुकुल चेयरमैन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉडर्स विशेष तौर से भाग लेने के लिए लंदन से पहुंचे।
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आचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी के साथ-साथ हमें संस्कार सिटी का भी निर्माण करना चाहिए ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी हमारी समृद्ध संस्कृति और रीति-रिवाजों से अवगत हो सके। भजनोपदेशिका विदुषी अंजलि आर्या ने भजनों से नींव पूजा कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इसमें एंकर श्रीवर्धन त्रिवेदी, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट व प्रेसिडेंट वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉड्र्स संतोष शुक्ला व साउथ एशियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सचिव मधुर टेमले भी शामिल हुए। मंदिर का निर्माण करने वाले एनजीओ, मात-पिता गोधाम ट्रस्ट (एमपीजीडी) के संस्थापक ज्ञान चंद वालिया ने कहा कि यह मंदिर माता-पिता को समर्पित होगा। मंदिर में कोई प्रतिमा न होकर श्रद्धालु माता-पिता में ही भगवान होने का एहसास करेंगे। एमपीजीडी को ज्ञान चंद वालिया जिन्हें गौचर दास ज्ञान के नाम से जाना जाता है द्वारा 2011 में स्थापित किया गया था। सभी समुदाय व धर्मों के लिए माता-पिता मंदिर पूरी तरह से माता-पिता के लिए समर्पित होगा जहां उनकी पूजा और सम्मान किया जाएगा।
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