नयागांव। भले ही नयागांव पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ के साथ बिल्कुल सटा हुआ है। लेकिन फिर भी इलाके के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि इसी साल 5 जुलाई को नगर काउंसिल की हुई पहली बैठक में जो विकास कार्य मंजूर किए गए थे, वह दो महीने के बाद भी अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। क्योंकि उन्हें निकाय विभाग से मंजूरी काफी देरी से मिली है। ऐसे में अभी प्रोजेक्ट धरातल पर शुरू नहीं हो पाए हैं। जानकारों की मानें तो राज्य में कांग्रेस की सरकार है और नगर काउंसिल पर अकाली दल काबिज है और विधायक ‘आप’ पार्टी से हैं। ऐसे में इलाके के लोग परेशानी में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर विकास का पहिया कैसे घूमेगा।
जानकारी के मुताबिक 2006 में इलाके को नगर काउंसिल बना दिया गया था, लेकिन 15 साल के बाद भी इलाका निवासियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। इलाके के लोग सुविधाओं के पूरे होने की उम्मीदों में ही अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव आने से पहले इलाका वासियों को सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगती है। लेकिन चुनाव रिजल्ट के बाद सब खत्म हो जाता है। नगर काउंसिल चुनाव में अलग-अलग पार्टियों द्वारा इलाके के लोगों को वादे किए गए थे कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवा दी जाएंगी। यहां तक कि सत्ताधारी पार्टी की ओर से इलाके में सामुदायिक केंद्र, बच्चों के खेलने के लिए पार्क आदि का नींव पत्थर भी रख दिया गया था। लेकिन अभी तक वह विकास कार्य नीव पत्थर से आगे ही नहीं बढ़ सका। नगर काउंसिल में सत्ताधारी पार्टी का आरोप है कि राज्य में विपक्ष की सरकार होने के कारण इलाके के विकास में राज्य सरकार का सहयोग नहीं मिल पा रहा है। जबकि राज्य सरकार की पार्टी के लोगों का आरोप है कि इलाके में नगर काउंसिल प्रधान दूसरी पार्टी का होने के कारण वह इलाके का कोई विकास नहीं करना चाहते हैं। ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका फायदा न मिल सके। लेकिन जनता हर रोज अपनी समस्याओं से जूझ रही है। इलाका निवासियों का आरोप है की सत्ता और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि इलाके के लोगों को उनकी बुनियादी सुविधाएं मिल पाएं। सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन इलाके का विकास नहीं रुकना चाहिए।
यह है इलाके की मुख्य समस्याएं
1. सीवरेज सिस्टम
2. डंपिंग ग्राउंड
3. एंबुलेंस
4. अत्याधुनिक सुविधाओं युक्त सरकारी अस्पताल
5. पक्की गलियां
6. इलाके की साफ-सफाई
विकास रहना चाहिए मुद्दा
सरकार जिसकी भी हो, लेकिन जनता की समस्याओं पर हर राजनीतिक पार्टी को ध्यान देना चाहिए। क्योंकि चुनाव आते-जाते रहते हैं। चुनावों मे सिर्फ वहीं पार्टी कामयाबी पा सकती है जो लोगों की समस्याओं के समाधान पर खरी उतरेगी। विपक्ष की भी अपनी एक भूमिका होती है।
- कुलबीर बिस्ट पार्षद नयागांव
आरोप प्रत्यारोप की चल रही है राजनीति
इलाके में विधायक किसी और पार्टी का है। सरकार किसी और पार्टी की है और नगर परषिद पर कब्जा किसी और पार्टी का है। इस कारण सभी लोग एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते हैं। विकास के कार्यों पर कोई भी ध्यान नहीं देता है। हमें अपने राजनीतिक मतभेद भुलाकर के इलाके के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
-भूपेंद्र भूप्पी, मंडल प्रधान भाजपा नयागांव।
विकास कार्य को निकाय विभाग से नहीं मिली मंजूरी
हम पूरे इलाके का निष्पक्ष विकास चाहते हैं। इसके लिए हमें जनता ने चुन कर भेजा है। उम्मीद करते हैं कि दूसरी पार्टियों के पार्षद भी इसमें हमारा सहयोग करेंगे। 5 जुलाई को नगर काउंसिल की पहली बैठक हुई थी। उसमें हमने इलाके के काफी कार्यों के लिए प्रस्ताव पास किए थे। लेकिन निकाय विभाग की तरफ से मंजूरी देने में देरी की गई। जिस कारण वह कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। जल्द से जल्द इलाके मे विकास कार्य करवा दिए जाएंगे। - बीबी बलविंदर कौर, प्रधान नगर काउंसिल, नयागांव।
काउंसिल करे सहयोग तो होगा विकास
सरकार इलाके का विकास करवाना चाहती है। नगर काउंसिल की ओर से इसमें अलग-अलग तरह की बाधाएं डाली जा रही हैं। अगर नगर काउंसिल इलाके का निष्पक्ष विकास कराना चाहे तो सरकार हमेशा नगर काउंसिल के साथ खड़ी है। लेकिन राजनीतिक मतभेद के कारण इलाके के लोगों को सरकार द्वारा दिए जा रहे फायदे नहीं पहुंच पा रहे हैं।
- रविंद्र सिंह, पार्षद कांग्रेस, वार्ड नंबर-21 नयागांव।