नयागांव। विकास नगर के पास पटियाला की राव नदी के किनारे परिषद डंपिंग ग्राउंड बनाने जा रही है। इसे लेकर इलाके के रहने वाले लोगों को पटियाला की राव नदी की चौड़ाई कम होने के साथ बाढ़ आने के खतरे का डर भी सताने लगा है। लोगों का कहना है कि पटियाला की राव नदी के किनारे डंपिंग ग्राउंड बनाने के बजाय इसकी चौड़ाई बढ़ानी चाहिए।
शुक्रवार को प्रधान बलविंदर कौर की अध्यक्षता में नगर परिषद की बैठक रखी गई थी। इसमें शहर के विकास के लिए प्रस्ताव रखे गए थे। बैठक में नियमों को ताक पर रखकर कई महिला पार्षदों के पति भी बैठक में शामिल हुए थे जिनके द्वारा नियमों को दरकिनार करके प्रस्ताव पास किए गए। इनके द्वारा गलियों सड़कों, गलियों, नालियों के लिए लगभग सात करोड़ के प्रस्तावों पर असहमति जताई और पहले पिछले कामों को करने के लिए कहा गया। वहीं, विकास नगर के पास पटियाला की राव नदी के किनारे डंपिंग ग्राउंड बनाने का सर्वसम्मति से पार्षदों के पतियों ने पास किया। इसे लेकर अब दो सरकारी विभाग आमने-सामने आ गए हैं। वही, विकास नगर के लोगों का कहना है कि नगर परिषद का यह फैसला गलत है क्योंकि पहले से ही नदी के किनारों पर भू-माफिया द्वारा कब्जा कर इसकी चौड़ाई कम कर दी गई है जिसे लेकर लोग चिंतित हैं और ऊपर से नगर परिषद द्वारा पटियाला की राव नदी के किनारे डंपिंग ग्राउंड बनाने के फैसले से उनकी चिंता और बढ़ा दी है। इससे नदी की चौड़ाई तो कम होगी। इसके साथ ही इलाके में पटियाला की राव नदी का पानी आसपास के इलाकों में जा सकता है। उनका कहना है कि पिछली बरसात की शुरुआती मानसून में हुई वर्षा के दौरान पटियाला की राव का रौद्र रूप देखकर इलाका वासी सहमे हुए हैं। ऐसे में नगर परिषद को पटियाला की राव नदी के किनारे किनारों से अवैध कब्जे को हटाने के बजाय वह खुद ही पटियाला की राव नदी खुद ही किनारों पर कूड़ा फेंक कर डंपिंग ग्राउंड बनाकर भू-माफिया को शह देने का काम कर रही है।