मोहाली। फेज-6 स्थित जिला सिविल अस्पताल में डोप टेस्ट को लेकर चल रहे फर्जीवाड़े में दो कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है। इसी मामले को लेकर गठित तीन डॉक्टरों की जांच टीम ने 11 पेज की रिपोर्ट सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर को सोमवार सौंप दी है। जांच में एक दर्जा चार मुलाजिम सीधे रूप में शामिल था। उनकी ओर से जून और जुलाई में दो बार पेमेंट ली गई। एक पेमेंट अस्पताल के बाहर चाय की दुकान पर नकद ली गई थी। वहीं दूसरी पेमेंट गूगल पे के जरिये अकाउंट में डलवाई गई थी। कमेटी की ओर से दर्जा चार और एलटी का लिखित बयान दर्ज किया गया है। जिसके आधार पर रिपोर्ट बनाई गई है। वहीं सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर का कहना है कि वे मंगलवार को पूरी रिपोर्ट का खुलासा करेंगी। तब तक वे कुछ नहीं कहना चाहती।
बता दें कि पिछले हफ्ते सिविल अस्पताल में दर्जा चार और अन्य कर्मचारियों की ओर से मिलकर डोप टेस्ट पर फर्जीवाड़ा चलाने का मामला सामने आया था। वहीं इस बारे में जब सीनियर डॉक्टरों को पता चला तो उनके द्वारा इस बारे में अस्पताल प्रशासन और सिविल सर्जन को इस बारे में शिकायत की गई। वहीं सिविल सर्जन की ओर से तीन सीनियर डॉक्टरों को शामिल करते हुए एक जांच कमेटी बनाई गई। जिसमें डॉक्टर परमिंदर सिंह, डॉ. विक्रम जसवाल और डॉ. गुरमुख सिंह शामिल थे। वहीं कमेटी की ओर से तीन दिन जांच करने के बाद सोमवार को 11 पेज की रिपोर्ट तैयार करते हुए सिविल सर्जन को सौंपी गई।