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डेराबस्सी की गलियों में घूम रहे हैं लम्पी पॉक्स संक्रमण के लक्षण वाले आवारा पशु

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डेराबस्सी। पशुओं में फैलने वाली लंपी पॉक्स बीमारी ने डेराबस्सी हलके में संरक्षित पशुओं को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। गांव त्रिवेदी कैंप में इस वायरस से दो गाय की मौत से इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं डेराबस्सी की गलियों में इस वायरस से प्रभावित पशुओं को घूमते देखकर शहरवासियों की नींद उड़ गई है। शहर के निवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से ऐसे पशुओं को नियंत्रित करने और बिना किसी देरी के इनका इलाज करने का अनुरोध किया है।
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आदर्श नगर निवासी जगदीप सिंह दीपू, लकी, हरविंदर सिंह, परमिंदर सिंह, जगदेव सिंह और अन्य ने बताया कि गली नंबर 3 के पास श्री गुरुद्वारा साहिब के साथ खाली जगह में बड़ी संख्या में संरक्षित पशु घूमते रहते हैं और बहुत से पशु झुंड बनाकर बैठे रहते हैं। यह सभी पशु भोजन की तलाश में जगह-जगह घूमते रहते हैं। रविवार की शाम एक पशु के शरीर पर घाव के साथ देखा गया, जो लंपी पॉक्स वायरस के लक्षण हैं। यह पशु दूसरे पशुओं के साथ गलियों में घूमता नजर आया।
विशेषज्ञों के मुताबिक उक्त वायरस एक पशु से दूसरे जानवर में जल्द ट्रांसफर होता है। इसलिए लंपी प्रभावित पशु का इलाज अन्य पशुओं से अलग करना चाहिए और उसके खाने-पीने को भी अलग रखना चाहिए। इसके बावजूद पीड़ित पशु अन्य संरक्षित पशुओं के साथ घूम रहा है। शहरवासियों ने चिंता जताते हुए कहा कि डेराबस्सी क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में संरक्षित पशु सड़कों और गलियों में घूम रहे हैं। अगर प्रभावित पशु को समय रहते इन जीवित पशुओं से अलग नहीं किया गया तो स्थिति और खराब हो सकती है।
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कोट्स
पशुओं में इस लंपी पॉक्स वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन की 363 खुराक विभाग के पास पहुंच चुकी है। सोमवार को 330 डोज पशुओं को दी जा चुकी हैं। यह डोज लोगों के पालतू पशुओं को दी गई है। इसके साथ ही इसकी खुराक सोमवार को डेराबस्सी, लालड़ू, दप्पर, जीरकपुर, छत, ढकोली और बनूड़ के पशु चिकित्सालयों में भेजी गई है। जल्द ही सभी संरक्षित पशुओं को भी इसकी डोज लगा दी जाएगी। -डॉ. एसके गुप्ता, पशु चिकित्सा अधिकारी, डेराबस्सी।
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