खरड़। दाखिले कराने के नाम पर तीन लोगों ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घडुआं के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी कर ली। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इनकी पहचान संजय मीना, रजत गोयल और मनीष कुमार के रूप में है। यूनिवर्सिटी के वक्ता सुरिंदर सिंह दयोल ने एसएसपी को इस संबंधी शिकायत दी थी।
सुरिंदर सिंह दयोल ने बताया कि आरोपियों के साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सात हजार नए दाखिलों के लिए ऑनलाइन मुहिम शुरू करने का 18 दिसंबर, 2020 को समझौता किया था। प्रत्येक दाखिले पर 9600 रुपये देने तय हुए थे। इस तरह कुल रकम 6 करोड़ 72 लाख रुपये बनती थी। आरोपियों ने यूनिवर्सिटी से एडवांस मांगा तो उन्हें 2 करोड़ 68 लाख 80 हजार रुपये दे दिए गए। इसके बाद आरोपियों ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को प्रमोट करने के लिए ऑनलाइन मुहिम शुरू कर दी। कुछ समय बाद यह महसूस किया गया कि सितंबर 2021 तक सात हजार नए दाखिले संभव नहीं हैं। आरोपी फर्जी डाटा दे रहे थे, जो यूनिवर्सिटी के लिए किसी काम का नहीं था। 2 अप्रैल को बैठक करके सभी तथ्य बताए गए और दाखिले का लक्ष्य सात हजार से कम कर 2500 कर दिया गया। इस पर यूनिवर्सिटी ने पहले दी गई एडवांस रकम में से अब नए लक्ष्य के मुताबिक दी गई अधिक रकम 1 करोड़ 72 लाख 80 हजार रुपये वापस मांगी। लेकिन आरोपियों ने लौटाने में देरी की। जब यूनिवर्सिटी ने अधिक जोर दिया तो आरोपियों ने मई 2021 में नए दाखिलों संबंधी मुहिम रोक दी। उन्होंने आगे लिखा कि शिकायत देने तक केवल 440 नए दाखिले करवाए और यूनिवर्सिटी उन्हें 42 लाख 24 हजार रुपये देने की पाबंद थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी यूनिवर्सिटी को 2 करोड़ 26 लाख 56 हजार रुपये नहीं दे रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि 11 हजार 884 विद्यार्थियों संबंधी जो डाटा दिया गया था, वह अन्य संस्थाओं के साथ मिलता जुलता था। वहीं आरोपियों का कहना है कि उन्होंने हस्ताक्षरकर्ता पक्ष को हटाने के लिए नोटिस भेज कर एमओयू को समाप्त कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में पाया गया है कि दूसरे पक्ष ने 2 करोड़ 26 लाख 56 हजार रुपये की अदायगी न करके यूनिवर्सिटी के साथ धोखाधड़ी की गई है।