खुद को चंडीगढ़ का एडीजीपी बताकर शातिरों ने जालंधर के ट्रेवल एजेंट से 5.76 लाख रुपये ठग लिए। मोहाली के फेज-8 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने पंचकूला से दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
जालंधर में ट्रेवल एजेंसी चलाने वाले विजय सिंह डोगरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते दिनों उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को चंडीगढ़ का एडीजीपी अलोक कुमार बताते हुए कहा कि उसके कुछ जानकार हैं, जिन्हें देश की यात्रा करनी है। यह कहकर उसने घरेलू हवाई टिकट और होटल बुकिंग करवाने की बात कहते हुए कहा कि पेमेंट के भुगतान के लिए एक सप्ताह का समय चाहिए।
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विजय सिंह चंडीगढ़ के एडीजीपी से बात होने के झांसे में आ गए और उन्होंने उसके कहने पर कई हवाई टिकट बुक करने के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में होटल बुक कर दिए। एक सप्ताह के बाद जब उनकी रकम नहीं मिली और उधार पांच लाख के पार पहुंच गया तो कर्मचारियों ने उन्हें जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने बिल बनाकर भेज दिया। बिल भेजने के बाद विजय की उस शख्स से बात हुई तो उसने कहा कि वह मोहाली में आकर अपनी पेमेंट ले जाए लेकिन जब वह मोहाली पहुंचे तो आरोपी ने उन्हें पीसीए स्टेडियम के पास बुलाया।
मोहाली पहुंचने पर बहाने से 50 हजार और ले लिए
विजय सिंह ने बताया कि जब वह पीसीए स्टेडियम के पास पहुंचे तो उस व्यक्ति ने कहा कि उसे एक आदमी को जरूरी पेमेंट करनी है और अभी खाते में पैसे नहीं हैं इसलिए वह उसे 50 हजार रुपये और दे दे। वह 15 मिनट में लौटकर सभी बकाया रकम का चेक दे देगा। इस पर विजय ने 50 हजार और दे दिए। इसके बाद वह व्यक्ति वहां से चला गया और वापस नहीं लौटा। विजय ने उसे जब कॉल की तो फोन बंद मिला। इसके बाद विजय को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस में दी।
चंडीगढ़ में इस नाम का नहीं मिला कोई अफसर
पीड़ित ने बताया कि ठगी का शिकार होने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ जाकर उक्त नाम के अफसर के बारे में पता किया तो अफसरों ने बताया कि इस नाम का कोई अफसर चंडीगढ़ में नहीं है। यह बात जानने के बाद उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूत्रों के अनुसार, पहले भी बड़े अफसरों व नेताओं ने नाम पर चंडीगढ़ समेत पूरी ट्राइसिटी में ठगी की गई है। बड़े-बड़े शहरों में खुद को बड़ा अफसर बताकर शातिर लोगों का भरोसा जीत लेते हैं और फिर उनसे मोटी रकम या गिफ्ट आदि ऐंठ लेते हैं।