लोन की रकम चुकाने के लिए बना रहे दबाव, केस दर्ज
ढकोली में तीन लोगों ने कंपनी बनाकर शुरू किया था शटरिंग का काम
बाद में दो हिस्सेदारों ने तीसरे हिस्सेदार की बिना मंजूरी कंपनी कर दी बंद
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। शटरिंग की कंपनी में एक हिस्सेदार ने अपने दो हिस्सेदारों पर धोखाधड़ी और जालसाजी करके कंपनी के सामान को खुर्दबुर्द करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इसकी शिकायत मोहाली एसएसपी को दी। अधिकारियों ने जांच के बाद पुलिस को मामले में संलिप्त दो हिस्सेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं तहत मामला दर्ज करने के आदेश दे दिए।
दरअसल मामला 2010 से जुड़ा है। उस दौरान 3 लोगों ने मिलकर एक कंपनी बनाकर ढकोली के अंदर शटरिंग का काम शुरू किया, जिसमें वजिंदर कुमार, वेद प्रकाश और स्वर्णा रानी हिस्सेदार थे। फर्म को चलाने के लिए बैंक से 75 लाख रुपये का एक निजी बैंक से लोन लिया गया और बाकी के 25 लाख रुपये तीनों हिस्सेदारों ने अपनी जेब से भरे। कंपनी की शर्तों के मुताबिक, स्वर्णा रानी और वेद प्रकाश का इसमें 40-40 और वजिंदर का 20 प्रतिशत हिस्सा शेयर था।
शिकायत के अनुसार, कंपनी की एक हिस्सेदार स्वर्णा रानी का कोई रिश्तेदार गंभीर बीमारी से पीड़ित था, जिसकी देखभाल के लिए उसे कुछ वर्षों तक पटियाला में रहना पड़ा और कंपनी के काम को समय नहीं दे पाई। स्वर्णा रानी की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर बाकी 2 हिस्सेदारों (वजिंदर और वेद प्रकाश) ने कंपनी के सामान को बेचकर मिले पैसों को आपस में बांट लिया और कंपनी बंद कर दी। करीब 3 वर्ष बाद स्वर्णा रानी ने वजिंदर और वेद प्रकाश से संपर्क साधा तो उन्होंने घाटे में चल रही कंपनी को बंद करने की बात कही। बाद में जानकारी मिली कि वजिंदर और वेद प्रकाश ने मिलकर शटरिंग का सारा सामान को बेचकर उनसे मिले पैसों को आपस में बांट लिया। वहीं, बैंक द्वारा लिए लाखों रुपये के लोन की रकम की अदायगी करने के लिए उस पर दबाव बना रहे हैं। आरोप लगाया कि जब भी कंपनी में हुए खर्चों का हिसाब बाकी हिस्सेदारों से मांगा जाता है तो उसे हिसाब देने की जगह जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर देते हैं और लोन की रकम चुकाने के लिए दबाव बनाते हैं। परेशान होकर स्वर्णा रानी ने शिकायत पुलिस को दी।