- नोटबंदी के बाद जारी नोटिस के जवाब की स्क्रूटनी के बाद बनायी गयी है सूची
- इन व्यापारियों के आय-व्यय और लेन-देन के ब्यौरे में है अंतर
- विभाग लक्ष्य पूरा करने के लिए मार्च तक चलाएगा सर्च अभियान
मेरठ। आयकर विभाग के निशाने पर अभी शहर के कई व्यापारी हैं। दिसंबर माह में स्क्रूटनी के बाद चिह्नित किए गए व्यापारियों के यहां सर्च अभियान को लेकर आयकर विभाग ने मन बना लिया है। इसके पीछे एक बड़ा कारण मार्च माह तक दिए गए टारगेट को भी पूरा करना बताया जा रहा है।
आयकर विभाग ने शुक्रवार को शहर में मिठाई की पांच दुकानों पर देर शाम तक सर्च अभियान चलाया। हालांकि इस सर्च को लेकर विभागीय अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन व्यापारियों के यहां से मिले अभिलेखों के आधार पर नोटिस जारी किया जाएगा, जिसका व्यापारियों द्वारा जवाब देने के बाद कार्रवाई तय होगी।
आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद बैंकों में हुए लेनदेन का डाटा जुटाते हुए बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए थे। इनके अलावा पिछले वित्तीय वर्ष में आयकर रिटर्न भरने वालों को भी विभाग ने नोटिस जारी किए थे। इन नोटिसों के आए जवाब की दिसंबर माह तक विभागीय अधिकारियों द्वारा स्क्रूटनी की गई। इस स्क्रूटनी में कुछ को जहां नोटिस जारी किए गए, तो कुछ को सर्च अभियान के लिए चिह्नित किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार शहर के एक दर्जन से ज्यादा व्यापारी, चिकित्सक, ठेकेदार और बिल्डर आदि आयकर विभाग के निशाने पर हैं। जिनके खिलाफ मार्च माह तक सर्च अभियान छेड़ा जाना तय माना जा रहा है।