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डेंगू के हाई रिस्क एरिया में ही नहीं होती सफाई, लोग बोले- फॉगिंग तक नहीं हुई

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मोहाली। जिला सेहत विभाग की टीम ने मंगलवार को डेराबस्सी सब डिवीजन में डेंगू के हाई रिस्क इलाके का दौरा किया। इस दौरान कई गांव में काफी गंदगी मिली। वहां पर लिफाफों, बोतलों, ड्रम, टायर और अन्य चीजों में पानी भरा हुआ था, जिसमें डेंगू का लारवा आसानी से पनप सकता है। यह देखकर सेहत विभाग की टीम ने लोगों को जागरूक किया कि वह बीमारी की गंभीरता समझें। साथ ही साफ-सफाई के अलावा शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें। तभी डेंगू को मात दी जा सकती है।
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जानकारी के मुताबिक जिला एपिडेमोलॉजिस्ट डॉ. विक्रांत नागरा ने अपनी टीम के साथ डेंगू के उच्च जोखिम वाले एरिया गांव कूड़ांवाला, सैदपुरा, मुबारकपुर और भांखरपुर का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि गांवों में हालत काफी खराब थी, वहां पर गंदगी के ढेर, प्लास्टिक के लिफाफे और खाली और टूटी बोतलें आदि पानी से भरी पड़ी हुई थी। इनमें डेंगू का मच्छर आसानी से पैदा हो जाता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांवों में फॉगिंग बस नाममात्र हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अपने घरों के आसपास पानी न भरने देें और सफाई का पूरा ध्यान रखेें। अगर कोई भी व्यक्ति डेंगू संदिग्ध लगता है तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में डेंगू का इलाज पूरी तरह से मुफ्त होता है।
सेहत और परिवार भलाई विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. राजू धीर ने इस दौरान सब डिवीजन अस्पताल डेराबस्सी का दौरा किया और यहां पर लोगों के इलाज के सभी प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने डेंगू सर्वे के काम में तेजी लाने और मुलाजिमों की दिक्कतों को भी जाना। उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर जिले की स्थिति काबू में है। वही, जहां भी केस सामने आ रहे हैं वहां पर सर्वे, फॉगिंग और जागरूकता मुहिम चलाई जा रही है। इस मौके पर सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. संगीता जैन समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
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ऐसे फैलता है डेंगू
डेंगू एक बुखार है। जो एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है। डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज सिरदर्द और तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंख के पिछले हिस्से में दर्द, नाक, मुंह और मसूड़ों से खून आना, जब स्थिति बिगड़ती है, मतली और उल्टी होती है। डेंगू फैलाने वाले मच्छर खड़े साफ पानी जैसे कूलर, पानी की टंकियों, फूलों के गमलों, रेफ्रिजरेटर के पीछे ट्रे, टूटे-फूटे बर्तन और खाली टायर और पानी के कंटेनरों में प्रजनन करते हैं।
डेंगू होने पर क्या खुराक लेनी चाहिए
प्रत्येक बुखार के दौरान शरीर में प्लेटलेट्स आमतौर पर कम हो जाते हैं। बकरी का दूध, कीवी फल या नारियल पानी प्लेटलेट्स बढ़ाने में खास मददगार होते हैं। रोगी को अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जैसे पानी, जूस, नींबू पानी, नारियल पानी आदि का सेवन करना चाहिए और आराम करना चाहिए। रोजाना कम से कम दो लीटर पानी जरूर पीएं जो एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी फायदेमंद होता है। तरल पदार्थ न केवल निर्जलीकरण को रोकते हैं, बल्कि शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं।
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