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तीसरी लहर का वार बेअसर करने को सिविल अस्पताल तैयार

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मोहाली। भले ही कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन को लेकर डब्लयूएचओ की ओर से खतरे की चेतावनी दे दी गई है। लेकिन कोरोना का नया स्वरूप ओमिक्रॉन लोगों को अपनी चपेट में न ले सकें। इसके लिए जिला प्रशासन और सेहत विभाग की ओर से पूरी तरह तैयारियां कर ली गई हैं। जहां, सेहत विभाग ने मरीजों की टेस्टिंग और सैंपलिंग को लेकर पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं, वहीं जिला प्रशासन भी कोविड-19 गाइडलाइंस के साथ पूरी तैयारियां किए हुए बैठा है। खास बात यह है कि जिला सिविल अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है और अस्पताल आने वाले मरीजों की सैंपलिंग के लिए मेडिकल कालेज में अलग से डाक्टरों की टीम को तैनात किया हुआ है। इसके अलावा कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन प्लांट की कमी देखने को मिली थी, लेकिन मौजूदा समय में अस्पताल के पास ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
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ऑक्सीजन की नहीं होगी कमी, तीनों प्लांट कर रहे काम
दूसरी लहर के दौरान देखने में आया था कि संक्रमितों का इलाज करने में ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण सैकड़ों मरीजों की जान चली गई थी। इसको देखते हुए मेडिकल कॉलेज में तीन ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। इनमें एक डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन की ओर से 5000 लीटर का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है और दूसरा ऑक्सीजन प्लांट 850 लीटर का है, जो सरबत नामक समाजसेवी संस्था की मदद से लगाया गया है। इसके अलावा कनाडियन पीएसए प्लांट एक हजार लीटर ऑक्सीजन पैदा करता है और इस समय तीनों ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह से काम कर रहे हैं।
वहीं, दो हजार एकड़ में फैले मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। इसके कंट्रोल रूम में तीन टेक्नीशियन 24 घंटे मौजूद रहते हैं। इसके अलावा 40 ऑक्सीजन सिलिंडर अलग से रखे गए हैं, जिससे किसी मरीज को घर में ऑक्सीजन की कमी होती है तो उन्हें तुरंत उपलब्ध करवाई जा सके।
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अस्पताल में 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा
जानकारी के मुताबिक किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से अस्पताल में एक एंबुलेंस 24 घंटे मौजूद रहती है। इसके अलावा वीआईपी शहर में कई समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से एंबुलेंस भी अस्पताल में मौजूद रहती है, जिससे अपनी एंबुलेंस न होने की स्थिति में उनका इस्तेमाल किया जा सके। खास बात यह है कि एंबुलेंस के अंदर वे सभी सुविधाएं मौजूद रहती हैं, जो मरीज को चाहिए होती हैं। आमतौर पर मरीज को अस्पताल पहुंचने में काफी समय लग जाता है और ज्यादा गंभीर स्थिति का सामना करने वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन और अन्य जरूरी सामान मौजूद रहता है, जिससे मरीजों को अस्पताल लाते समय प्राथमिक सहायता दी जा सके। इसके साथ ही सरकार की ओर से 108 नंबर इमरजेंसी सेवा में एंबुलेस भी काम कर रही है। उनका सहयोग भी मरीजों को अस्पताल लाने में पूरा रहेगा।
अस्पताल में अलग से है कोविड वार्ड
मोहाली के आंबेडकर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की इमारत में दो मंजिलें कोविड के मरीजों के लिए सुरक्षित रखी गई हैं। इनमें सामान्य संक्रमितों को ही रखा जाएगा। जबकि पिछली बार की तरह इस बार भी गर्भवती महिलाओं और आम लोगों को अलग कोविड वार्ड में रखने के प्रबंध किए गए हैं और तीसरी मंजिल पर 120 बेड का प्रबंध किया गया है। दूसरी मंजिल पर इंसेंटिव केयर सेंटर बनाया गया है, जिनको ऑक्सीजन प्लांट के साथ सीधे तौर पर जोड़ा गया है। यहां सिर्फ गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जाएगा। इंसेंटिव केयर में एक डॉक्टर के साथ दो सीनियर नर्स और दो अन्य नर्सों को रखा जाएगा। इसके साथ ही सफाई के लिए दो सहायक कर्मचारी तैनात रहेंगे। इंसेंटिव वार्ड को 24 घंटे कोविड के मरीजों के लिए खुला रखा जाएगा।
टेस्टिंग और रिपोर्ट का स्टाफ हर समय रहता है तैयार
जानकारी के मुताबिक वीआईपी जिला मोहाली में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पास ही टेस्टिंग रूम बनाया गया है। यहां मरीजों के बैठने से लेकर सैंपलिंग इकट्ठा करके रखने तक का पुख्ता प्रबंध है। इसके साथ ही ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए कोरोना टेस्ट को जरूरी बनाया गया है, जिनकी निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही मरीजों को डॉक्टरों की ओर से जांच की जाती है। दूसरी ओर विदेश से आने वाले लोगों की जांच को लेकर सैंपलिंग टीम अलग से काम करती है, जो लोगों के घर जाकर सैंपल एकत्रित करती है।
शिविरों के माध्यम से हो रहा टीकाकरण
जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन और सेहत विभाग के सहयोग से टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है। इसमें समाजसेवी संगठन, इंडस्ट्री और अन्य संगठन अपना समर्थन दे रहे हैं। जिले में टीकाकरण की रफ्तार को तेज करने के लिए सेहत केंद्रों में निशुल्क टीकाकरण सुविधा उपलब्ध है। जिससे कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन की चपेट में आने के बाद भी व्यक्ति की हालत ज्यादा खराब न हो।
लोगों की सेवा के लिए प्रशासन 24 घंटे तैयार
तीसरी लहर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और सेहत विभाग की हिदायतों को लागू करवाने में प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि तीसरी लहर न आए, लेकिन आती भी है तो उसके लिए प्रशासन 24 घंटे लोगों की सेवा में उनका इलाज कर इस महामारी से बचाने के लिए तैयार है।
-डॉ. ईशा कालिया, डीसी, मोहाली।
कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए सेहत विभाग पूरी तरह से तैयार है। टेस्टिंग से लेकर ऑक्सीजन को पूरी तरह से एक्टिव रखा हुआ है, जिससे गंभीर से गंभीर स्थिति से निपटा जा सके। - डॉ. आदर्शपाल कौर, सिविल सर्जन, सेहत विभाग मोहाली।
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