मोहाली। कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले करीब 20 लोगों की अस्थियां लंबे समय से सेक्टर-57 स्थित श्मशानघाट के लॉकर में रखी हुई थीं। इन अस्थियों को हरिद्वार या कीरतपुर साहिब में प्रभावित करने के लिए उनके पारिवारिक सदस्य तक आगे नहीं आ रहे थे। लेकिन शुक्रवार को इन अस्थियों को आखिर कीरतपुर साहिब में पूरे रीति रिवाज और श्रद्धा से प्रवाहित कर दिया गया है। यह नेक काम वार्ड नंबर-14 के पार्षद कमलजीत सिंह बन्नी और जुगनी वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान दविंदर सिंह जुगनी के प्रयास से संभव हो पाया है। इस मौके पर डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने भी मौजूद थे।
जानकारी के मुताबिक सेक्टर-57 के श्मशान घाट पर शुक्रवार सुबह पुजारी और गणमान्य लोग जुटे। यहां पर अरदास आदि के बाद अस्थियों को कीरतपुर साहिब ले जाने की प्रक्रिया की गई। इस मौके पर डिप्टी मेयर ने कहा कि बड़े दुख की बात है कोरोना से कई लोगों ने अपनी जिंदगी खो दी थी। जैसे-तैसे उस समय संस्कार कर दिए गया। लेकिन परिवार वालों ने उनकी अस्थियों को जल प्रवाह करने की जिम्मेदारी तक पूरी नहीं की। यह अस्थियां काफी समय से श्मशान घाट के लॉकरों में रखी थी। इस तरह का काम किसी भी परिवार को नहीं करना चाहिए। यह शर्म की बात है। जल प्रवाह करने के पीछे कोशिश यहीं है कि अस्थियों की बेअदबी न हो।
अस्थियों का रखा है पूरा रिकॉर्ड
इस मौके पर पार्षद कमलप्रीत सिंह बन्नी ने कहा कि उन्हें यहां रखी अस्थियों के बारे में श्मशानघाट के कर्मचारियों ने जानकारी दी थी। उनका कहना था कि कोरोना काल में जान गंवाने वाले कई लोगों की अस्थियां श्मशान घाट के लॉकरों में रखी हुई है। इसके बाद उन्होंने इस बारे में जुगनी वेलफेयर सोसायटी के प्रधान दविदंर सिंह जुगनी और अपने अन्य साथियों से बातचीत की। इसके बाद कीरतपुर साहिब में उक्त अस्थियों को जल प्रवाह किया गया। वहीं, जुगनी वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान दविदंर सिंह जुगनी ने कहा कि यह दुख की बात है कि अपने परिजनों की अस्थियों को लेने कोई नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि उक्त अस्थियों की थैलियों पर किसी का नाम नहीं लिखा था। उनके नाम की पर्ची कीरतपुर साहिब में कटवाई जाएगी। यह पर्ची श्मशानघाट के कर्मचारियों को दी जाएंगी, जिससे भविष्य में कोई यहां आता है तो उसे पता चल सके और उसके परिजन की अस्थियां जल प्रवाहित कर दी गई हैं।