मोहाली। जिले के निजी स्कूलों में आगामी नए सत्र को लेकर होने वाले दाखिलों ने प्रबंधक और बस ऑपरेटरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दोनों ही इस पशोपेश में हैं कि अभिभावकों को बस ट्रांसपोर्ट की सुविधा को लेकर कैसे मनाया जाए। दरअसल आगामी 2022-23 सत्र के लिए अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला तो स्कूलों में करवा दिया लेकिन अधिकतर अभिभावकों ने बस ट्रांसपोर्ट की सुविधा लेने से मना कर दिया।
जानकारी के मुताबिक शहर के अलग-अलग स्कूलों में अभिभावक बच्चों का दाखिला करवाने पहुंच रहे हैं और दाखिले के दौरान अधिकतर अभिभावक केवल स्कूल में दाखिला फीस की अदायगी कर रहे हैं। वे बस ट्रांसपोर्ट को लेकर कोई सहमति नहीं जता रहे। दूसरी ओर, बस ट्रांसपोर्ट की बुकिंग न होने से स्कूल प्रबंधक और बस ऑपरेटर परेशानी में पड़ गए हैं क्योंकि अगर ट्रांसपोर्ट की सुविधा के लिए कम बच्चे आवेदन करते हैं तो बसों का रूट बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
बस ऑपरेटर दो साल से कोरोना महामारी के चलते स्कूल न खुलने के चलते घर बैठे हैं। उन्हें किस्तें तक भरना मुश्किल हो गया है। अब स्कूल प्रबंधक अभिभावकों को फोन करके ट्रांसपोर्ट को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक बच्चों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा के लिए सहमत किया जाए।
कोट
कोरोना महामारी के चलते दो साल से स्कूल बंद थे। इसके चलते बसें नहीं चल पाई और घरों में खड़ी बसों की वजह से आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब जब सब कुछ सामान्य होने लगा है तो अभिभावकों की कम बुकिंग ने फिर से मुश्किल में डाल दिया है। -संदीप सिंह मान, बस ऑपरेटर, मोहाली