नयागांव। गांव टांडी एवं मसोल के बीच में पहाड़ों को काटकर फार्म हाउस बनाने के मामले में वीरवार को वन विभाग की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। वन विभाग ने जिस इलाके में पेड़ों का नुकसान हुआ था उस इलाके में करीब दस हजार नए पौधे लगाए हैं। गमाडा की ओर से कार्रवाई करते हुए आरोपियों की ओर से बनाए हुए शेड और दूसरे निर्माणों को भी गिराया गया है।
जानकारी के मुताबिक वीरवार सुबह 11 बजे वन विभाग, गमाडा, खनन विभाग एवं वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की टीमें भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। जिला अधिकारी की ओर से पहले ही इस कार्यवाही के लिए नायब तहसीलदार दीपक भारद्वाज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नियुक्त किया हुआ था। उनकी मौजूदगी में वन विभाग की टीम में आए हुए करीब 500 कर्मचारियों ने इलाके में पौधरोपण किया। वहीं गमाडा की टीम ने जेसीबी मशीन से पहाड़ों के ऊपर हुए अवैध निर्माण को भी गिराया।
यह था मामला
वन विभाग की शिकायत पर 9 मई को सेवानिवृत्त कर्नल बलजीत सिंह संधू एवं तरसेम सिंह के खिलाफ पुलिस ने पंजाब भूमि संरक्षण एक्ट 1900 की धारा 4-5 के तहत मामला दर्ज किया था। इसमें वन विभाग की ओर से शिकायत दी गई थी कि पहाड़ की 30 हेक्टेयर जमीन पर एक वीआईपी प्रोजेक्ट बनाकर 45 फार्म हाउस बेचे जा रहे हैं। वन विभाग की करीब 30 हेक्टेयर जमीन को नुकसान पहुंचाया गया है। वहीं, आरोपियों की ओर से वन विभाग की टीम को अंदर नहीं जाने दिया गया था। इस कारण विभाग पेड़ों के नुकसान का सही अनुमान नहीं लगा पाया था।
कोट्स
विभाग के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया था। हमने मुकदमा दर्ज करवाकर डीसी को चिट्ठी लिखी थी। एडीसी ने आदेश दिया था कि आप अपनी जमीन पर दोबारा से पौधे लगाएं। इसलिए गमाडा के साथ मिलकर पूरे इलाके में दस हजार नए पौधे लगाए हैं। हमारी कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए भी एक चेतावनी है, जिन्होंने वन विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण किए हुए हैं। -गुरअमन सिंह, जिला वन अधिकारी मोहाली
कोट्स
वन विभाग की ओर से गलत और पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की जा रही है। विभाग के उच्च अधिकारी हमारे साथ व्यक्तिगत रंजिश के तहत काम कर रहे हैं। किसी कारण विभाग सिर्फ हमारे खिलाफ ही कार्रवाई कर रहा है। जल्द ही मामले में कुछ बड़े खुलासे किए जाएंगे। -देवेंद्र सिंह संधू, पुत्र बलजीत सिंह संधू